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पीएसी के प्रशिक्षक कांस्टेबल को मिले भत्ते की वसूली पर रोक
Mon, 07 Jun 2021 10:35 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 07 Jun 2021 10:35 PM IST
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allahabad high court
- फोटो : social media
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीएसी कांस्टेबल से प्रशिक्षण भत्ते की वसूली कार्रवाई पर रोक लगा दी है और राज्य सरकार से याचिका पर एक माह में जवाब मांगा है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्र ने वीर सिंह की याचिका पर दिया है।
याची का कहना है कि उसे 33वीं वाहिनी पीएसी कांस्टेबल में प्रशिक्षण का कार्य दिया गया। शासनादेश के अनुसार प्रशिक्षक को 15 फीसदी भत्ता दिया गया। बाद में आदेश जारी हुआ कि भत्ता केवल डीओटी/डी टीएस प्रशिक्षित लोगों को ही मिलेगा। गैर प्रशिक्षित को दिए गए भत्ते को वापस लिया जाए। तीन जून 20 को जारी इस आदेश पर अप्रैल 21 में कार्यवाही शुरू हुई तो चुनौती दी गई। याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि शासनादेश के अनुसार प्रशिक्षण संस्थान में नियुक्त प्रशिक्षक को भत्ता पाने का हकदार माना गया है तो उसे निरस्त कर वसूली आदेश देना अवैध है।
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याची का कहना है कि उसे 33वीं वाहिनी पीएसी कांस्टेबल में प्रशिक्षण का कार्य दिया गया। शासनादेश के अनुसार प्रशिक्षक को 15 फीसदी भत्ता दिया गया। बाद में आदेश जारी हुआ कि भत्ता केवल डीओटी/डी टीएस प्रशिक्षित लोगों को ही मिलेगा। गैर प्रशिक्षित को दिए गए भत्ते को वापस लिया जाए। तीन जून 20 को जारी इस आदेश पर अप्रैल 21 में कार्यवाही शुरू हुई तो चुनौती दी गई। याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि शासनादेश के अनुसार प्रशिक्षण संस्थान में नियुक्त प्रशिक्षक को भत्ता पाने का हकदार माना गया है तो उसे निरस्त कर वसूली आदेश देना अवैध है।
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