कस्तूरी-सोने की बर्क चढ़ी मिठाइयां कराएंगी मुंह मीठा, 12 सौ से नौ हजार रुपये किलो तक हैं दाम
कोरोना की मार ने भले ही मिठाई व्यवसाय को प्रभावित किया, लेकिन त्योहारी सीजन में इस कारोबार को पंख लगने की उम्मीद है। मिठाई के शौकीनों के लिए इस बार केसर-कस्तूरी के साथ-साथ सोने की बरक चढ़ी मिठाइयां भी उपलब्ध रहेंगी। इन मिठाइयों की कीमत 12 हजार से नौ हजार तक है। इसके अलावा डायबिटीज के मरीजों के लिए भी खास किस्म की मिठाई मिलेगी। दिवाली के लिए मिठाइयों की बुकिंग करवाने का दौर भी शुरू हो गया है।
बाजार में यूं तो 300 रुपये से 1500 रुपये किलो तक की मिठाइयां उपलब्ध हैं, लेकिन चौक स्थित भगवान दास प्रहलाद दास की ओर से दिवाली के मौके पर एक खास किस्म की मिठाई केसर-कस्तूरी बर्फी तैयार की जाएगी। खास बात यह कि इस मिठाई की बिक्री सिर्फ दिवाली के दिन ही होगी। इसकी कीमत भी 12 हजार रुपये किलो है। भगवान दास के अंकित गुप्ता बताते हैं कि कस्तूरी हिरन में पाई जाती है। इसकी खुशबू ही इस मिठाई की असली पहचान है। सिर्फ दिवाली के दिन ही इसे तैयार किया जाता है।
इसके अलावा डायबिटीज के मरीजों के लिए गुड़ मेवे तथा खजूर मेवे के लड्डू भी तैयार करवाए जा रहे हैं। सिविल लाइंस स्थित कामधेनु स्वीट ने दिवाली के लिए 24 कैरेट गोल्ड बर्फी तैयार की है। इसकी कीमत नौ हजार रुपये किलो है। काजू की इस बर्फी में सोने की बर्क का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा मेवा बाइट समेत काजू एवं बादाम की कई अन्य वैरायटी भी तैयार की गई हैं।