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उत्तर पुस्तिका की जांच कराने का आयोग को आदेश
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सम्मिलित अवर अधीनस्थ सेवा सामान्य चयन परीक्षा 2013 के अभ्यर्थी की हिंदी की उत्तर पुस्तिका की विशेषज्ञों से जांच करा कर उसकी रिपोर्ट के आधार पर नए सिरे से परिणाम जारी करने का आदेश दिया है । याची का कहना है कि उसके हिंदी विषय के एक प्रश्न में पांच अंकों के उत्तर को गलत करार दिया गया है, जबकि उसका उत्तर सही है।
आनंद कुमार श्रीवास्तव की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने दिया है। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के अनुसार याची ने 2013 की सामान्य चयन परीक्षा में संयुक्त सचिव पद के लिए आवेदन किया था। प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास करने के बाद साक्षात्कार में उसका चयन नहीं हो सका। याची को 299 कटऑफ अंक मिले थे जो कि चयनित अभ्यर्थियों के कटऑफ के बराबर हैं। याचिका में कहा गया कि याची ने सामान्य हिंदी निबंध में 5 अंक के प्रश्न जिसमें तीन शब्दों के पर्यायवाची पूछे गए थे का सही उत्तर दिया था, इसके बावजूद आयोग ने उन प्रश्नों के उत्तर गलत करार दिए कोर्ट के आदेश पर उत्तर पुस्तिका अदालत में प्रस्तुत की गई, जिसमें पाया गया कि आयोग ने उत्तरों को गलत माना है। इसे देखते हुए अदालत ने प्रश्न संख्या 5 की जांच विशेषज्ञों से करा करके उसकी रिपोर्ट के आधार पर याची का परिणाम जारी करने का आदेश दिया है।
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आनंद कुमार श्रीवास्तव की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने दिया है। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह के अनुसार याची ने 2013 की सामान्य चयन परीक्षा में संयुक्त सचिव पद के लिए आवेदन किया था। प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा पास करने के बाद साक्षात्कार में उसका चयन नहीं हो सका। याची को 299 कटऑफ अंक मिले थे जो कि चयनित अभ्यर्थियों के कटऑफ के बराबर हैं। याचिका में कहा गया कि याची ने सामान्य हिंदी निबंध में 5 अंक के प्रश्न जिसमें तीन शब्दों के पर्यायवाची पूछे गए थे का सही उत्तर दिया था, इसके बावजूद आयोग ने उन प्रश्नों के उत्तर गलत करार दिए कोर्ट के आदेश पर उत्तर पुस्तिका अदालत में प्रस्तुत की गई, जिसमें पाया गया कि आयोग ने उत्तरों को गलत माना है। इसे देखते हुए अदालत ने प्रश्न संख्या 5 की जांच विशेषज्ञों से करा करके उसकी रिपोर्ट के आधार पर याची का परिणाम जारी करने का आदेश दिया है।
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