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विलुप्त हो रहे वन्य जीवों की जांच का मुख्य वन संरक्षक को आदेश
Fri, 24 Jul 2020 09:22 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 24 Jul 2020 09:22 PM IST
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Wildlife
- फोटो : Muriel Vekemans
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के जंगलों से संरक्षित वन्य जीवों के विलुप्त होने के मामले में जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) को निर्देश दिया कि वह मामले की जांच करें, यदि आवश्यक हो तो कार्रवाई करें। रेड ल्युनिक्स कंफेडरेेशन की ओर से संगीता डोगरा द्वारा दाखिल जनहित याचिका निस्तारित करते हुए यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति एसडी सिंह की खंडपीठ ने दिया है।
याचिका में कहा गया कि उत्तर प्रदेश के वनों से संरक्षित प्रजाति के वन्य जीव तेजी से विलुप्त हो रहे हैं। तमाम वन्य जीव संक्रामक बीमारियों का शिकार होकर मर रहे हैं। इस मामले में इंडियन वेटेनरी काउंसिल एक्ट और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। साथ मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की गई।
याचिका इससे पूर्व 16 जून को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुई, मगर याची की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। दूसरी बार भी सुनवाई के समय याची का पक्ष रखने कोई नहीं आया, जबकि याची ने स्वयं उपस्थित होकर बहस की अनुमति मांगी थी। इस पर कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए मुख्य वन सरंक्षक को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का निर्देश दिया है।
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याचिका में कहा गया कि उत्तर प्रदेश के वनों से संरक्षित प्रजाति के वन्य जीव तेजी से विलुप्त हो रहे हैं। तमाम वन्य जीव संक्रामक बीमारियों का शिकार होकर मर रहे हैं। इस मामले में इंडियन वेटेनरी काउंसिल एक्ट और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। साथ मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की गई।
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याचिका इससे पूर्व 16 जून को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हुई, मगर याची की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ। दूसरी बार भी सुनवाई के समय याची का पक्ष रखने कोई नहीं आया, जबकि याची ने स्वयं उपस्थित होकर बहस की अनुमति मांगी थी। इस पर कोर्ट ने याचिका निस्तारित करते हुए मुख्य वन सरंक्षक को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का निर्देश दिया है।
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