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इंस्पेक्टर कीडगंज, चौकी इंचार्ज बैहरना पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश
Wed, 11 Aug 2021 09:37 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 11 Aug 2021 09:37 PM IST
सार
यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरेंद्र नाथ ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र को सुन कर दिया है।
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विस्तार
आरोपियों के साथ मिलकर सबूत मिटाने के मामले में तत्कालीन इंस्पेक्टर कीडगंज अनुपम शर्मा व चौकी इंचार्ज बैरहना दिलीप कुमार सिंह पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश कोर्ट ने दिया है।
यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरेंद्र नाथ ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र को सुन कर दिया है। आवेदक राजाराम ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया है कि उसका लड़का तीन सितंबर 2020 को सुबह दस बजे बीस हजार रुपये लेकर दुकान का सामान लेने के लिए मोटरसाइकिल से चौक गया था। शाम को फोन पर पता चला कि वह कीडगंज में रहने वाले मोतीलाल के घर पर ही रुक गया है। अगले दिन घर वालों को फोन पर सूचना मिली कि उसके लड़के ने मोतीलाल के घर में ऊपर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।
जबकि आवेदक का कहना है कि उसके बेटे की हत्या पुलिस वालों से मिलकर मोतीलाल के लड़के मोहित, राहुल और बच्चा ने की है। हत्या करने के बाद उसको लटकाया गया। पुलिस पर आरोप है कि बिना पंचनामा के पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया ।आवेदक के बार बार कहने पर पुलिस ने मृतक का चेहरा नहीं दिखाया। कोर्ट ने कहा पुलिस द्वारा प्राप्त आख्या से स्पष्ट नहीं होता कि आत्महत्या करने की वजह क्या थी। न्यायालय ने आरोपियों के साथ पुलिस पर भी मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश पारित किया है। संवाद
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यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरेंद्र नाथ ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र को सुन कर दिया है। आवेदक राजाराम ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया है कि उसका लड़का तीन सितंबर 2020 को सुबह दस बजे बीस हजार रुपये लेकर दुकान का सामान लेने के लिए मोटरसाइकिल से चौक गया था। शाम को फोन पर पता चला कि वह कीडगंज में रहने वाले मोतीलाल के घर पर ही रुक गया है। अगले दिन घर वालों को फोन पर सूचना मिली कि उसके लड़के ने मोतीलाल के घर में ऊपर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।
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जबकि आवेदक का कहना है कि उसके बेटे की हत्या पुलिस वालों से मिलकर मोतीलाल के लड़के मोहित, राहुल और बच्चा ने की है। हत्या करने के बाद उसको लटकाया गया। पुलिस पर आरोप है कि बिना पंचनामा के पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया ।आवेदक के बार बार कहने पर पुलिस ने मृतक का चेहरा नहीं दिखाया। कोर्ट ने कहा पुलिस द्वारा प्राप्त आख्या से स्पष्ट नहीं होता कि आत्महत्या करने की वजह क्या थी। न्यायालय ने आरोपियों के साथ पुलिस पर भी मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश पारित किया है। संवाद
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