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एससी के बीएड छात्रों की शुल्क वापसी पर निर्णय लेने का आदेश
Wed, 08 Jul 2020 12:34 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 08 Jul 2020 12:34 AM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति के बीएड छात्रों की शुल्क वापसी पर नियमानुसार निर्णय लेने का प्रदेश सरकार को आदेश दिया है। सहारनपुर के एससी छात्रों ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा कि उनको प्रथम वर्ष की शुल्क वापसी नहीं की गई, जबकि नियमानुसार वह इसके लिए हकदार हैं। याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की।
आरती और 43 अन्य एससी छात्रों का कहना है कि वह सत्र 2018-2020 के बीएड छात्र हैं। राज्य सरकार की स्कॉलरशिप स्कीम के तहत वह कॉलेजों में जमा की गई फीस सरकार से वापस पाने के हकदार हैं। उनको द्वितीय वर्ष की फीस तो वापस कर दी गई, मगर प्रथम वर्ष की नहीं की जा रही है।
छात्रों का कहना है कि उन्होंने सक्षम प्राधिकारी को प्रत्यावेदन भी दिया है, मगर उस पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। राज्य सरकार के अधिवक्ता का कहना था कि इस मामले में सक्षम प्राधिकारी शीघ्र ही निर्णय लें। कोर्ट ने सक्षम प्राधिकारी को याचीगण के दावे पर विचार कर उनके प्रत्यावेदन पर तीन माह के भीतर निर्णय लेने के लिए कहा है।
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आरती और 43 अन्य एससी छात्रों का कहना है कि वह सत्र 2018-2020 के बीएड छात्र हैं। राज्य सरकार की स्कॉलरशिप स्कीम के तहत वह कॉलेजों में जमा की गई फीस सरकार से वापस पाने के हकदार हैं। उनको द्वितीय वर्ष की फीस तो वापस कर दी गई, मगर प्रथम वर्ष की नहीं की जा रही है।
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छात्रों का कहना है कि उन्होंने सक्षम प्राधिकारी को प्रत्यावेदन भी दिया है, मगर उस पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया। राज्य सरकार के अधिवक्ता का कहना था कि इस मामले में सक्षम प्राधिकारी शीघ्र ही निर्णय लें। कोर्ट ने सक्षम प्राधिकारी को याचीगण के दावे पर विचार कर उनके प्रत्यावेदन पर तीन माह के भीतर निर्णय लेने के लिए कहा है।
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