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सीलिंग से पहले सुनवाई का अवसर देना जरूरी : हाईकोर्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2026 02:00 AM IST
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Opportunity for a hearing essential before sealing: High Court
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी संचालित चिकित्सा संस्थान को सील करने जैसी कठोर कार्रवाई करने से पहले संबंधित पक्ष को आरोपों से अवगत कराकर प्रभावी सुनवाई का अवसर देना आवश्यक है। केवल आदेश की तामील के साथ ही अगले दिन परिसर सील कर देना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
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हाईकोर्ट ने अल्ट्रासाउंड सेंटर पर की गई सीलिंग की कार्रवाई निरस्त कर दी। साथ ही सक्षम प्राधिकारी को आदेश की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत किए जाने के 48 घंटे के भीतर डायग्नोस्टिक सेंटर वाले हिस्से को डी-सील करने का निर्देश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति अजीत कुमार एवं न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने डॉ. विकास कुमार शर्मा की याचिका पर दिया।
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मामला हाथरस स्थित एक अल्ट्रासाउंड सेंटर का है। याची का आरोप है कि सेंटर हाथरस के मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से 2030 तक वैध रूप से पंजीकृत है। इसके बावजूद दो जून 2026 को सीलिंग का आदेश पारित कर तीन जून को ही उसे लागू कर दिया गया। जबकि आदेश भी उसी दिन उपलब्ध कराया गया। इससे पहले कोई प्रभावी सुनवाई का अवसर नहीं मिला।
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शासकीय अधिवक्ता ने दलील दी कि अनधिकृत निर्माण और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायतों के आधार पर निरीक्षण हुआ था और 1958 के अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
कोर्ट ने कहा कि यह विवाद कि निर्माण अनधिकृत है या नहीं अथवा स्वीकृत मानचित्र का उल्लंघन हुआ है। सक्षम प्राधिकारी की ओर से तय किए जाने वाले तथ्यात्मक प्रश्न हैं। लेकिन, रिकॉर्ड पर ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे यह साबित हो कि सीलिंग से पहले जारी कथित कारण बताओ नोटिस की विधिवत तामील हुई थी। इसके विपरीत, सीलिंग आदेश पारित होने के अगले ही दिन परिसर सील कर दिया गया। जिससे याची को अपना पक्ष रखने का प्रभावी अवसर ही नहीं मिला।

कोर्ट ने कहा कि यदि सक्षम प्राधिकारी आगे कोई कार्रवाई करता है तो याची को निरीक्षण रिपोर्ट सहित सभी संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं। जवाब देने के लिए उचित समय और व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिया जाए। इसके बाद ही कारणयुक्त और स्पष्ट आदेश पारित किया जाए। कोर्ट ने कहा कि मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की गई है।
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