पुलिस की पाठशाला: खुद के मोबाइल और कंप्यूटर पर ही खोलें जीमेल अकाउंट, टू स्टेप एथेंटिकेशन का करें इस्तेमाल
वर्चुअल दुनिया में खुद को सुरक्षित रखना है तो किसी भी डिवाइस पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्सेस करने से बचें। सिर्फ अपने मोबाइल या पर्सनल कंप्यूटर पर ही जीमेल या फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया अकाउंट पर लॉगिन करें।
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वर्चुअल दुनिया में खुद को सुरक्षित रखना है तो किसी भी डिवाइस पर अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्सेस करने से बचें। सिर्फ अपने मोबाइल या पर्सनल कंप्यूटर पर ही जीमेल या फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया अकाउंट पर लॉगिन करें। साथ ही टू स्टेप ऑथेंटिकेशन फीचर का इस्तेमाल करें। इससे काफी हद तक साइबर अपराध से बचा जा सकता है। यह बातें बुधवार को एसीपी सरायइनायत आईपीएस विश्वजीत सौरयान ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में कहीं। बीबीएस इंटर कॉलेज, शिवकुटी में छात्राओं से संवाद में उन्होंने कहा, लोगों का डिजिटली जागरूक होना बेहद जरूरी है।
आज हर हाथ में मोबाइल है और सबके पास इंटरनेट एक्सेस है। छात्र-छात्राएं भी इससे अछूते नहीं हैं। इंटरनेट संभावनाओं और अवसरों का खजाना है तो दूसरी और इसके कुछ खतरे भी हैं। ऐसे में इसके सावधानीपूर्वक इस्तेमाल को लेकर सभी को जागरूक होना होगा।
एसीपी ने कहा, सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपनी निजी जानकारियां साझा न करें। पायरेटेड मूवी या गेम्स फ्री में डाउनलोड करने का ऑप्शन देने वाली वेबसाइट से दूर रहें। कई बार इनके जरिये ही मॉलवेयर या इंक्रिप्टेड फाइलें आपके मोबाइल में इंस्टॉल हो जाती हैं। इसके बाद साइबर अपराधी मोबाइल का कंट्रोल ले लेता है।
वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के लिए स्वदेशी एप पर करें भरोसा
वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के लिए विदेशी यूपीआई एप से बचने की सलाह भी एसीपी ने छात्र-छात्राओं को दी। कहा कि स्वदेशी एप भी मौजूद हैं और यह पूरी तरह सुरक्षित हैं। खास बात यह है कि उनके सर्वर भी भारत में ही हैं। ऐसे में किसी भी तरह की शिकायत पर मामले में त्वरित कार्रवाई की जा सकती है, जबकि विदेश से संचालित हो रहे मोबाइल एप्लीकेशन के जरिये किसी तरह के साइबर अपराध होने की दशा में संबंधित की जानकारी के लिए अलग-अलग कंपनियों पर निर्भर होना पड़ता है।
छात्र-छात्राओं के सवालों के दिए जवाब
एसीपी ने देव मिश्रा, धात्री मौर्य, कृतिका यादव, सक्षम सिंह, आयुष द्विवेदी समेत अन्य छात्र-छात्राओं के सवालों के जवाब भी दिए। प्रधानाचार्य रजनी शर्मा ने कहा, ऐसे कार्यक्रम छात्र-छात्राओं के साथ अध्यापकों के लिए भी बेहद फायदेमंद हैं। निश्चित ही विद्यार्थी यहां मिली जानकारी को घर जाकर अभिभावकों और आसपास के लोगों से साझा करेंगे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ शिक्षिका रश्मि शुक्ला ने किया।