प्रयागराज : हटिया में मकान के सिर्फ जर्जर हिस्से का होगा ध्वस्तीकरण, नगर निगम की टीम ने की संस्तुति
किराएदारों ने पीछे की तरफ कुछ कमरे नए सिरे से बनवा लिए हैं। रिपोर्ट में उस हिस्से में किसी तरह का छेड़छाड़ नहीं करने की संस्तुति की गई है। वहीं दूसरा हिस्सा वह है, जिसकी दीवारों की स्थिति काफी खराब है लेकिन उनकी मरम्मत कराई जा सकती है।
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हटिया में पांच लोगों की मौत का कारण बने भवन के सिर्फ जर्जर हिस्से को ही गिराया जाएगा। नगर निगम की टीम ने सर्वे के बाद तत्काल कार्रवाई की संस्तुति की है। ऐसे में शनिवार या रविवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की तैयारी है। नगर निगम के विशेषज्ञों की टीम ने शुक्रवार को भी भवन का सर्वे किया। वे मकान के हर कमरे में गए और दीवारों एवं छत की क्षमता का आकलन किया। इसके बाद शाम को अंतिम रिपोर्ट नगर आयुक्त को सौंप दी। रिपोर्ट के अनुसार भवन को तीन हिस्से में बांटा गया है।
किराएदारों ने पीछे की तरफ कुछ कमरे नए सिरे से बनवा लिए हैं। रिपोर्ट में उस हिस्से में किसी तरह का छेड़छाड़ नहीं करने की संस्तुति की गई है। वहीं दूसरा हिस्सा वह है, जिसकी दीवारों की स्थिति काफी खराब है लेकिन उनकी मरम्मत कराई जा सकती है। वहीं तीसरा हिस्सा वह है जो पूरी तरह से जर्जर हो चुका है और उसे तत्काल गिराए जाने की जरूरत है। इसमें छज्जा और उस पर बना टायलेट तथा आगे के कुछ कमरे हैं।
नगर आयुक्त चंद्र मोहन गर्ग ने बताया कि सर्वे रिपोर्ट मिल गई है। पूरी तरह से जर्जर हो चुके हिस्से को गिराया जाएगा। मकान में रह रहे लोगों से इस बाबत बात की जा रही है। एक-दो दिनों में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। मरम्मत का काम भी जल्द शुरू कराया जाएगा।
आवास की योजनाओं में हटिया के पीड़ितों के लिए जगह नहीं
हटिया के पीड़ितों को खुद के स्तर पर ही नया ठौर ढूंढ़ना होगा। आवास योजनाओं में उनके लिए फिलहाल कोई जगह नहीं है। इसके लिए उन्हें पात्रता साबित करने के साथ प्रक्रिया से भी गुजरना होगा, जिसमें लंबा वक्त लगेगा। नगर निगम की सर्वे टीम ने जर्जर हिस्से को गिराने की संस्तुति कर दी है। ऐसे में आगे के हिस्से में रहने वालाें को बाहर जाना होगा। अलग-अलग स्तर पर इन लोगों को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर दिए जाने की मांग की जा रही है लेकिन फिलहाल ऐसा होता नहीं दिख रहा।
प्रबंधक वर्तिका सिंह का कहना है कि डूडा की ओर से घर बनाने में आर्थिक मदद दी जाती है लेकिन इसके लिए पात्र के पास अपनी जमीन होनी चाहिए। नगर आयुक्त चंद्र मोहन गर्ग का कहना है कि आवास देने की शर्तें हैं। शर्तें पूरी करने वाले किसी व्यक्ति ने आवास के लिए आवेदन किया है तो प्रक्रिया के तहत आवंटन किया जाएगा। अन्य कोई भी पात्र है तो आवेदन कर सकता है। प्रक्रिया पूरी करने के बाद आवंटन किया जाएगा। तत्काल किसी को आवास नहीं दिया जा सकता।
चिह्नित किए गए कई अन्य जर्जर मकान
हटिया में हादसे वाले भवन के अलावा कई अन्य जर्जर मकान भी चिह्नित किए गए हैं। अफसरों के अनुसार कई भवन तो ऐसे हैं जिन्हें तत्काल ढहाए जाने की आवश्यकता है।
नगर आयुक्त का कहना है कि पहले से चिह्नित जर्जर भवनों का फिर से सर्वे कराया जा रहा है। नए भवन भी चिह्ति किए जा रहे हैं। शुरुआती सर्वे में ही कई मकान काफी खराब हालत में मिले हैं। दो-तीन दिनों में रिपोर्ट आ जाएगी। नगर आयुक्त का कहना है कि मकान की स्थिति के अनुसार इन्हें अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जा रहा है। जहां स्थिति ज्यादा खराब है और कोई अड़चन नहीं है वहां जल्द से जल्द ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।