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Prayagraj News: एक लाख की आबादी पर डॉक्टर सिर्फ एक
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मऊआइमा क्षेत्र की एक लाख की आबादी के लिए सीएचसी में सिर्फ एक ही डॉक्टर की तैनाती है। सीएचसी में रोजाना तीन से चार सौ मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आते हैं। एक ही डॉक्टर खांसी-जुकाम से लेकर गंभीर बीमारियों तक का इलाज कर रहे हैं। तीन दिन पूर्व प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. रामगोपाल वर्मा का तबादला होने से समस्या और बढ़ गई।
मऊआइमा सीएचसी में सिर्फ डॉ. रमेश कुमार ही बचे हैं। वह मरीजों का इलाज कर रहे हैं। पिछले दो माह में डॉ. जुबैर अहमद, डॉ. खरवार, डॉ. जी प्रसाद व डॉ. सुनील मौर्या का तबादला हो चुका है। जबकि यहां सात चिकित्सकों की तैनाती होनी चाहिए।
सीएचसी में स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग के डॉक्टर की काफी वक्त से तैनाती नहीं हुई है। इमरजेंसी डॉक्टर न होने के चलते अस्पताल में कोई भी चिकित्सक रात्रि विश्राम भी नहीं करता है।
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बाहर की दवाएं लिख रहे डॉक्टर
मंगलवार को अस्पताल परिसर में मौजूद कैशर अली ने बताया कि सर्दी-जुकाम की दवा लेने आए थे डॉक्टर ने अस्पताल की दवा के साथ ही बाहर की दवा की पर्ची पकड़ा दी।
रात में नहीं रुकते डॉक्टर
मऊआइमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक रात में नहीं रुकते हैं। जिस वजह से इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है।
बोले ग्रामीण
सरकारी अस्पताल सिर्फ नाम का है। सर्दी-जुकाम होने पर भी बाहर की दवा लिख दी जाती है। जिस वजह से गरीबों को परेशान होना पड़ता है। - दीपक मिश्रा
सीएचसी में डॉक्टर के रात्रि विश्राम न करने से इमरजेंसी सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। ऐसे में मरीजों को निजी अस्पतालों में शरण लेनी पड़ती है।
चंद्रशेखर
अस्पताल में मलेरिया, डेंगू, सीबीसी आदि की जांच की सुविधा नहीं है। स्टाफ की कमी से मरीजों को समुचित लाभ नहीं मिल रहा है।
तीरथ यादव
सीएचसी प्रभारी के तबादले के बाद अभी तक नव नियुक्त प्रभारी ने चार्ज नहीं ग्रहण किया है। जिस वजह से स्वास्थ्य सुविधाओं पर असर पड़ रहा है। - निमिष खत्री
............................
बोले अफसर
सीएचसी पर चिकित्सकों के कमी की जानकारी है। जल्द ही डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। - डॉ. ए के तिवारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रयागराज।
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मऊआइमा सीएचसी में सिर्फ डॉ. रमेश कुमार ही बचे हैं। वह मरीजों का इलाज कर रहे हैं। पिछले दो माह में डॉ. जुबैर अहमद, डॉ. खरवार, डॉ. जी प्रसाद व डॉ. सुनील मौर्या का तबादला हो चुका है। जबकि यहां सात चिकित्सकों की तैनाती होनी चाहिए।
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सीएचसी में स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग के डॉक्टर की काफी वक्त से तैनाती नहीं हुई है। इमरजेंसी डॉक्टर न होने के चलते अस्पताल में कोई भी चिकित्सक रात्रि विश्राम भी नहीं करता है।
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बाहर की दवाएं लिख रहे डॉक्टर
मंगलवार को अस्पताल परिसर में मौजूद कैशर अली ने बताया कि सर्दी-जुकाम की दवा लेने आए थे डॉक्टर ने अस्पताल की दवा के साथ ही बाहर की दवा की पर्ची पकड़ा दी।
रात में नहीं रुकते डॉक्टर
मऊआइमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक रात में नहीं रुकते हैं। जिस वजह से इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख करना पड़ता है।
बोले ग्रामीण
सरकारी अस्पताल सिर्फ नाम का है। सर्दी-जुकाम होने पर भी बाहर की दवा लिख दी जाती है। जिस वजह से गरीबों को परेशान होना पड़ता है। - दीपक मिश्रा
सीएचसी में डॉक्टर के रात्रि विश्राम न करने से इमरजेंसी सुविधाएं नहीं मिल पाती हैं। ऐसे में मरीजों को निजी अस्पतालों में शरण लेनी पड़ती है।
चंद्रशेखर
अस्पताल में मलेरिया, डेंगू, सीबीसी आदि की जांच की सुविधा नहीं है। स्टाफ की कमी से मरीजों को समुचित लाभ नहीं मिल रहा है।
तीरथ यादव
सीएचसी प्रभारी के तबादले के बाद अभी तक नव नियुक्त प्रभारी ने चार्ज नहीं ग्रहण किया है। जिस वजह से स्वास्थ्य सुविधाओं पर असर पड़ रहा है। - निमिष खत्री
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बोले अफसर
सीएचसी पर चिकित्सकों के कमी की जानकारी है। जल्द ही डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। - डॉ. ए के तिवारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रयागराज।