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यूजीसी से निर्देश मिलने के बाद ही परीक्षा पर अंतिम निर्णय
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में स्थगित की गईं वार्षिक परीक्षाओं पर अंतिम निर्णय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से दिशा-निर्देश मिलने के बाद ही लिया जाएगा। हालांकि यूजीसी से कोई निर्देश आने तक इविवि प्रशासन अपने स्तर से भी स्थगित परीक्षाओं का प्रस्तावित कार्यक्रम तैयार करने में जुटा है।
वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन न्यूनतम कितने समय में कराया जा सकता है, परीक्षाओं का स्वरूप क्या होगा, वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन कराई जा सकती हैं या नहीं? सत्र को समय से शुरू किए जाने, ऑनलाइन अध्ययन जैसे मुद्दों पर विचार करने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने दो अलग-अलग कमेटियों का गठन किया था। एक कमेटी यूजीसी के पूर्व सदस्य एवं हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ और दूसरी कमेटी इंदिर गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव की अध्यक्षता में गठित की गई थी। दोनों कमेटियों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट यूजीसी को सौंप दी है और यूजीसी की ओर से पत्र जारी की कहा गया है कि दोनों कमेटियों की रिपोर्ट के आधार पर यूजीसी की ओर से अगले सप्ताह परीक्षाओं से संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
उधर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय अपने स्तर से भी पूर्व में स्थगित की जा चुकीं वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाओं से संबंधित कार्यक्रम बना रहा है लेकिन कार्यक्रम पर अंतिम मुहर तभी लगेगी, जब यूजीसी की ओर से दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। हो सकता है यूजीसी की ओर से दिशा-निर्देश जारी होने के बाद इविवि प्रशासन को अपने प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्रम में फेरबदल करना पड़ जाए। इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि तीन मई तक लॉक डाउन समाप्त होने का इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद देखना होगा कि सरकार लॉक डाउन को लेकर क्या निर्णय लेती है। ज्यादातर छात्रों दूसरे जिलों और प्रदेशों के हैं। अगर लॉक डाउन समाप्त होता है तो उन्हें भी विश्वविद्यालय लौटने के लिए डेढ़ से दो सप्ताह का समय दिया जाएगा और इसके बाद ही परीक्षा कार्यक्रम जारी किया जाएगा। फिलहाल अभी यूजीसी से दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार है।
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सिर्फ स्थगित परीक्षाओं का होगा आयोजन
- इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र सिंह का कहना है कि जो परीक्षाएं स्थगित की गई थीं, सिर्फ उन्हीं का आयोजन किया जाना है। उन्होंने बताया कि इविवि में 17 मार्च तक वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन किया गया था। इसके बाद 18 मार्च से बाकी प्रस्तावित परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं थीं। स्थगित परीक्षाएं जिस क्रम में होनी थीं, उसी क्रम में उनका आयोजन किया जाएगा।
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वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन न्यूनतम कितने समय में कराया जा सकता है, परीक्षाओं का स्वरूप क्या होगा, वार्षिक परीक्षाएं ऑनलाइन कराई जा सकती हैं या नहीं? सत्र को समय से शुरू किए जाने, ऑनलाइन अध्ययन जैसे मुद्दों पर विचार करने के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने दो अलग-अलग कमेटियों का गठन किया था। एक कमेटी यूजीसी के पूर्व सदस्य एवं हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आरसी कुहाड़ और दूसरी कमेटी इंदिर गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव की अध्यक्षता में गठित की गई थी। दोनों कमेटियों ने अपनी-अपनी रिपोर्ट यूजीसी को सौंप दी है और यूजीसी की ओर से पत्र जारी की कहा गया है कि दोनों कमेटियों की रिपोर्ट के आधार पर यूजीसी की ओर से अगले सप्ताह परीक्षाओं से संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे।
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उधर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय अपने स्तर से भी पूर्व में स्थगित की जा चुकीं वार्षिक एवं सेमेस्टर परीक्षाओं से संबंधित कार्यक्रम बना रहा है लेकिन कार्यक्रम पर अंतिम मुहर तभी लगेगी, जब यूजीसी की ओर से दिशा-निर्देश जारी कर दिए जाएंगे। हो सकता है यूजीसी की ओर से दिशा-निर्देश जारी होने के बाद इविवि प्रशासन को अपने प्रस्तावित परीक्षा कार्यक्रम में फेरबदल करना पड़ जाए। इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि तीन मई तक लॉक डाउन समाप्त होने का इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद देखना होगा कि सरकार लॉक डाउन को लेकर क्या निर्णय लेती है। ज्यादातर छात्रों दूसरे जिलों और प्रदेशों के हैं। अगर लॉक डाउन समाप्त होता है तो उन्हें भी विश्वविद्यालय लौटने के लिए डेढ़ से दो सप्ताह का समय दिया जाएगा और इसके बाद ही परीक्षा कार्यक्रम जारी किया जाएगा। फिलहाल अभी यूजीसी से दिशा-निर्देश मिलने का इंतजार है।
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सिर्फ स्थगित परीक्षाओं का होगा आयोजन
- इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र सिंह का कहना है कि जो परीक्षाएं स्थगित की गई थीं, सिर्फ उन्हीं का आयोजन किया जाना है। उन्होंने बताया कि इविवि में 17 मार्च तक वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन किया गया था। इसके बाद 18 मार्च से बाकी प्रस्तावित परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं थीं। स्थगित परीक्षाएं जिस क्रम में होनी थीं, उसी क्रम में उनका आयोजन किया जाएगा।