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डीजे हॉस्टल का एक छात्र निलंबित, पांच को नोटिस
Mon, 06 May 2019 12:30 AM IST
विनोद सिंह
Prayagraj
Prayagraj
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 06 May 2019 12:30 AM IST
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hostel allahabad university
- फोटो : प्रयागराज
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डायमंड जुबली (डीजे) हॉस्टल के पांच छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनमें से एक छात्र को निलंबित कर दिया गया है। रविवार को हॉस्टल में औचक निरीक्षण के दौरान तीन छात्र अपने कमरों में भोजन पकाते हुए मिले, जबकि दो अन्य छात्रों के कमरों में बाहरी लोग बैठे थे और जिन छात्रों के नाम पर कमरे आवंटित थे, वे अपने कमरों में मौजूद नहीं थे। इसी आधार पर इविवि प्रशासन ने यह कार्रवाई की।
डीजे हॉस्टल में 18 अप्रैल को रेड डाली गई थी। उस वक्त कमरा नंबर 45 को अवैध रूप में चिह्नित करते हुए इविवि प्रशासन ने वहां ताला लगा दिया था। यह कमरा एमकॉम प्रथम वर्ष के छात्र ज्ञानेंद्र द्विवेदी के नाम पर है। बाद में ज्ञानेंद्र ने इविवि प्रशासन को लिखित प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि उस कमरे में वही रहता है और वहां लगा ताला खोल दिया जाए। छात्रहित को देखते हुए इविवि प्रशासन ने ताला खोल दिया। रविवार को जब पुलिस और इविवि प्रशासन के अफसर हॉस्टल में औचक निरीक्षण पर पहुंचे तो देखा कि कमरा खुला है, लेकिन ज्ञानेंद्र नहीं थे, बल्कि उस कमरे में अन्य लोग आराम करते पाए गए। इनमें एक बाहरी व्यक्ति भी शामिल था, जिसमें पुलिस ने हिरासत में ले लिया और इविवि प्रशासन ने वहां फिर से ताला लगा दिया। चीफ प्रॉक्टर ने ज्ञानेंद्र को निलंबित करते हुए कारण बताओ नोटिस दिया है और छह मई को सुबह 11 बजे कुलानुशासक कार्यालय में उपस्थित होकर कारण बताने को कहा है। साथ ही पूछा है कि क्यों ने उन्हें इविवि से निष्कासित कर दिया जाए।
इसके अलावा हॉस्टल कमरा नंबर 34 में रहने वाले एमए द्वितीय वर्ष के छात्र प्रमोद मिश्र के कमरे में भी बाहरी लोग मिले। प्रमोद को नोटिस जारी कर कहा गया है कि उन्होंने इविवि प्रशासन के साथ धोखाधड़ी की है। प्रमोद को निष्कासन की चेतावनी देते हुए छह मई को सुबह 11 बजे लिखित रूप से कारण बताने को कहा गया है। उधर, कमरा नंबर 24 में एमएससी प्रथम वर्ष के छात्र कौन्तेय कृष्ण, कमरा नंबर 113 में एसएससी द्वितीय वर्ष के छात्र छोटे लाल और कमरा नंबर 37 में एमए द्वितीय वर्ष के छात्र रविकांत अपने कमरों में भोजन पकाते हुए मिले, जो छात्रावास नियमावली के विरुद्ध है और अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सात मई को कुलानुशासक कार्यालय में उपस्थित होकर कारण स्पष्ट करने को कहा गया है।
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हॉस्टलों में नियमित होगी कार्रवाई
चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे का कहना है कि हॉस्टलों में रेड डालकर कमरों को सील किए जाने के बाद भी वहां से शिकायतें आ रही हैं। इसी के मद्देनजर डीजे हॉस्टल में औचक निरीक्षण किया गया। यह कार्रवाई नियमित रूप से की जाएगी। अन्य हॉस्टलों में भी औचक निरीक्षण किया जाएगा।
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डीजे हॉस्टल में 18 अप्रैल को रेड डाली गई थी। उस वक्त कमरा नंबर 45 को अवैध रूप में चिह्नित करते हुए इविवि प्रशासन ने वहां ताला लगा दिया था। यह कमरा एमकॉम प्रथम वर्ष के छात्र ज्ञानेंद्र द्विवेदी के नाम पर है। बाद में ज्ञानेंद्र ने इविवि प्रशासन को लिखित प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि उस कमरे में वही रहता है और वहां लगा ताला खोल दिया जाए। छात्रहित को देखते हुए इविवि प्रशासन ने ताला खोल दिया। रविवार को जब पुलिस और इविवि प्रशासन के अफसर हॉस्टल में औचक निरीक्षण पर पहुंचे तो देखा कि कमरा खुला है, लेकिन ज्ञानेंद्र नहीं थे, बल्कि उस कमरे में अन्य लोग आराम करते पाए गए। इनमें एक बाहरी व्यक्ति भी शामिल था, जिसमें पुलिस ने हिरासत में ले लिया और इविवि प्रशासन ने वहां फिर से ताला लगा दिया। चीफ प्रॉक्टर ने ज्ञानेंद्र को निलंबित करते हुए कारण बताओ नोटिस दिया है और छह मई को सुबह 11 बजे कुलानुशासक कार्यालय में उपस्थित होकर कारण बताने को कहा है। साथ ही पूछा है कि क्यों ने उन्हें इविवि से निष्कासित कर दिया जाए।
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इसके अलावा हॉस्टल कमरा नंबर 34 में रहने वाले एमए द्वितीय वर्ष के छात्र प्रमोद मिश्र के कमरे में भी बाहरी लोग मिले। प्रमोद को नोटिस जारी कर कहा गया है कि उन्होंने इविवि प्रशासन के साथ धोखाधड़ी की है। प्रमोद को निष्कासन की चेतावनी देते हुए छह मई को सुबह 11 बजे लिखित रूप से कारण बताने को कहा गया है। उधर, कमरा नंबर 24 में एमएससी प्रथम वर्ष के छात्र कौन्तेय कृष्ण, कमरा नंबर 113 में एसएससी द्वितीय वर्ष के छात्र छोटे लाल और कमरा नंबर 37 में एमए द्वितीय वर्ष के छात्र रविकांत अपने कमरों में भोजन पकाते हुए मिले, जो छात्रावास नियमावली के विरुद्ध है और अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। तीनों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सात मई को कुलानुशासक कार्यालय में उपस्थित होकर कारण स्पष्ट करने को कहा गया है।
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हॉस्टलों में नियमित होगी कार्रवाई
चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे का कहना है कि हॉस्टलों में रेड डालकर कमरों को सील किए जाने के बाद भी वहां से शिकायतें आ रही हैं। इसी के मद्देनजर डीजे हॉस्टल में औचक निरीक्षण किया गया। यह कार्रवाई नियमित रूप से की जाएगी। अन्य हॉस्टलों में भी औचक निरीक्षण किया जाएगा।