फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   one more time mesure daroga hight

दरोगा अभ्यर्थियों की दोबारा नापी जाएगी लंबाई

Thu, 13 Oct 2016 02:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 13 Oct 2016 02:04 AM IST
विज्ञापन
one more time mesure daroga hight
d - फोटो : demo pic
इलाहाबाद। हाईकोर्ट ने दरोगा भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों की लंबाई एक बार फिर आईएसआई मानक उपकरणों से नापने का आदेश दिया है। पिछले दिनों सुनवाई के दौरान अदालत में ही अभ्यर्थियों की लंबाई जांची गई। इसमें पुलिस भर्ती बोर्ड के अधिकारी भी शामिल हुए। अदालत के सामने ही अभ्यर्थियों नाप जोख के बावजूद समस्या का समाधान नहीं निकला। कोर्ट ने इसके लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।
विज्ञापन

मामला 2011 दरोगा भर्ती का है। मनोज कुमार यादव और छह अन्य अभ्यर्थियों को पुलिस भर्ती बोर्ड ने अंतिम चयन के बाद मेडिकल परीक्षण के दौरान बाहर निकाल दिया। इसके खिलाफ याचिका दाखिल की गई। याचीगण के अधिवक्ता सीमांत सिंह ने बताया कि दरोगा भर्ती परीक्षा के पांच चरण रखे गए थे। पहला शारीरिक मानक, प्रारंभिक लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता, मुख्य लिखित परीक्षा और ग्रुप डिस्कशन।
विज्ञापन

शारीरिक मानक के लिए न्यूनतम लंबाई 168 सेंटीमीटर अनिवार्य है। याचीगण की लंबाई मानक उपकरणों से नापी गई और वह 168 या अधिक होने के आधार पर चयनित हो गए। अन्य चरणों की परीक्षाएं भी पास कर अंतिम रूप से चयनित होने के बाद नियुक्ति से पूर्व मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया। मेडिकल परीक्षण में सीने और लंबाई की दोबारा जांच की गई। मेडिकल बोर्ड की जांच में याचीगण को 168 सेंटीमीटर से कम लंबाई होने के आधार पर बाहर कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिवक्ता ने दलील दी कि मेडिकल जांच में सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य की जांच होती है। मानक की जांच में याचीगण पहले ही पास हो चुके हैं। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने अदालत में दोबारा याचीगण की लंबाई जांचने का निर्देश दिया। पुलिस भर्ती बोर्ड के अधिकारी भी इसमें शामिल हुए। कोर्ट में मैन्युअली लंबाई नापी गई तो नतीजा मेडिकल बोर्ड की नाप से अलग आया।

अदालत ने निर्णय दिया कि चूंकि याचीगण 2011 से चयन प्रक्रिया में शामिल रहे हैं और अंतिम रूप से चयनित हो चुके हैं। यदि भर्ती बोर्ड को किसी त्रुटि के आधार पर निर्णय लेना था तो इसका कारण स्पष्ट करना चाहिए था। कारण स्पष्ट किए बिना लंबाई दोबारा जांचने का औचित्य नहीं है। बोर्ड को तीन सप्ताह में मानक उपकरण से लंबाई की जांच कराकर निर्णय लेने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed