Prayagraj : माफिया की मदद के शक में एसटीएफ व पुलिस के कई भेदिये रडार पर, अतीक गिरोह से संबंधों की हो रही जांच
एसटीएफ और जिला पुलिस के कुछ कर्मचारी भी अब एसटीएफ अधिकारियों के रडार पर हैं। जिला पुलिस और एसटीएफ के कई कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत की गई है कि उनके अतीक गिरोह से संबंध हैं। अब इसकी गोपनीय जांच कराई जा रही है।
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एसटीएफ और जिला पुलिस के कुछ कर्मचारी भी अब एसटीएफ अधिकारियों के रडार पर हैं। जिला पुलिस और एसटीएफ के कई कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत की गई है कि उनके अतीक गिरोह से संबंध हैं। अब इसकी गोपनीय जांच कराई जा रही है। अधिकारियों को शक है कि कुछ कर्मचारी अतीक गिरोह के लिए मुखबिरी का भी काम कर रहे हैं।
सन 2004 में फूलपुर का सांसद बनने के बाद अतीक अहमद का प्रयागराज में काफी जलवा हो गया था। जिस पुलिस से वह सबसे ज्यादा डरता था। उसी पुलिस के सिपाही दरोगा अब पोस्टिंग के लिए उसके चक्कर लगाया करते थे। सांसद रहते अतीक के तमाम पुलिस अधिकारियों के साथ संबंध बने, कुछ अधिकारी और कर्मचारी उन संबंधों को अब तक निभाते आए हैं।
एसटीएफ अधिकारियों को इस बात की पुख्ता जानकारी मिली है कि एसटीएफ और जिला पुलिस के कुछ सिपाही दरोगा और इंस्पेक्टर अतीक गिरोह के लिए काम करते हैं। एसटीएफ अधिकारियों के रडार पर कुछ राजपत्रित अधिकारी भी हैं। उन सब की जांच कराई जा रही है। तमाम लोगों के कॉल रिकार्ड्स निकाले गए हैं। कुछ के नंबर सर्विलांस पर भी हैं। जांच कर रहे वरिष्ठ अधिकारियों को पता चला कि अशरफ की गिरफ्तारी के समय भी एसटीएफ और पुलिस के कुछ लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।बिक कुछ लोगों की लिखित में शिकायत हुई है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है।
दरअसल सेटिंग के तहत अशरफ की धूमनगंज से गिरफ्तारी की गई थी। संदेह के घेरे में आए कर्मचारियों की न सिर्फ अतीक और अशरफ बल्कि उनके तमाम गुर्गों से भी संबंध रहे हैं। कुछ ऐसे कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने दूसरों के नाम से अतीक के साथ जमीन का धंधा शुरू कर दिया था। ऐसे लोग अब जांच के दायरे में हैं। सुबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। जल्द ही उनके खिलाफ जल्द कार्रवाई की जा सकती है। एसटीएफ सूत्रों के मुता