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अफसरों ने व्यापारियों को दिया भरोसा, दूर होंगी दिक्कतें
इलाहाबाद, अमर उजाला
Updated Wed, 04 Jul 2018 01:50 AM IST
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वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के एक वर्ष पूरा होने पर केंद्रीय जीएसटी विभाग की ओर से मंगलवार को सिविल लाइंस कार्यालय में आयोजित समारोह में व्यापारियों ने अफसरों के सामने एक्ट की विसंगतियों पर खुलकर अपनी बात कही। सभी ने एक स्वर में कहा कि आंकड़े बताते हैं कि व्यापारियों ने जीएसटी को अपनाया है। पहला साल प्रशिक्षण का मानकर गल्तियां माफ हों। अफसरों ने भी भरोसा दिलाया, बात जीएसटी काउंसिल तक पहुंचाई जाएगी। समस्याओं के निराकरण का प्रयास किया जाएगा।
केंद्रीय जीएसटी के आयुक्त कार्यालय में आयोजित समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि न्यायिक सदस्य अर्चना वाधवा, सेवाकर अपीलीय प्राधिकरण के तकनीकी सदस्य अनिल जी शकरवार एवं आयुक्त पीएन तिवारी ने किया। अतिथियों ने व्यापारियों को जीएसटी से जुड़ी बारीकियां बताईं। अफसरों ने कहा कि इस कर प्रणाली से व्यापार करना आसान हो गया है। विसंगतियों पर अफसरों ने कहा कि निस्तारण उनकी प्राथमिकता में है। जो कार्य स्थानीय स्तर से संभव नहीं है, उस बारे में जीएसटी कौंसिल को अवगत कराया जाएगा।
इस मौके पर ईस्टर्न चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के जीएस दरबारी ने फार्म ट्रान वन को बंद किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों को रिटर्न नहीं मिल पा रहा है। इसलिए फार्म ट्रान की व्यवस्था पूर्ववत लागू की जाए। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने कहा कि एक वर्ष पहले पंजीकृत व्यापारियों की संख्या करीब 62 लाख थी, जो अब 1.20 करोड़ हो गई है। साफ है कि व्यापारियों ने जीएसटी को अपनाया है। अब सरकार कारोबारियों की सुविधा के लिए कर की दरें पांच से घटाकर तीन करे तो एक्ट की जटिलता कम होगी।
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उन्होंने वैट की तर्ज पर रिवाइज रिटर्न की सुविधा बहाल करने की मांग उठाई। कहा पहले वर्ष पेनाल्टी और ब्याज माफ किया जाए। सिविल लाइंस व्यापार मंडल के महामंत्री शिवशंकर सिंह ने एक्ट को सरल बनाने पर जोर दिया। कहा कि ईवे बिल आसान हो, इसके पार्ट बी में गल्तियां हों तो माल न पकड़ा जाए। अन्य व्यापारियों ने जीएसटीएम पोर्टल की खामियां, समाधान योजना, मौके पर पेनाल्टी आदि मुद्दे जोरदारी से उठाए। इस मौके पर केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर विभाग के अपर आयुक्त श्याम धर, सहायक आयुक्त कीर्ति गुप्ता समेत अन्य अफसर, वाणिज्य कर विभाग के अफसर, व्यापार मंडलों, संगठनों के पदाधिकारियों के साथ सीए, निर्माण इकाइयों के अफसर मौजूद रहे।
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केंद्रीय जीएसटी के आयुक्त कार्यालय में आयोजित समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि न्यायिक सदस्य अर्चना वाधवा, सेवाकर अपीलीय प्राधिकरण के तकनीकी सदस्य अनिल जी शकरवार एवं आयुक्त पीएन तिवारी ने किया। अतिथियों ने व्यापारियों को जीएसटी से जुड़ी बारीकियां बताईं। अफसरों ने कहा कि इस कर प्रणाली से व्यापार करना आसान हो गया है। विसंगतियों पर अफसरों ने कहा कि निस्तारण उनकी प्राथमिकता में है। जो कार्य स्थानीय स्तर से संभव नहीं है, उस बारे में जीएसटी कौंसिल को अवगत कराया जाएगा।
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इस मौके पर ईस्टर्न चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के जीएस दरबारी ने फार्म ट्रान वन को बंद किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारियों को रिटर्न नहीं मिल पा रहा है। इसलिए फार्म ट्रान की व्यवस्था पूर्ववत लागू की जाए। कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने कहा कि एक वर्ष पहले पंजीकृत व्यापारियों की संख्या करीब 62 लाख थी, जो अब 1.20 करोड़ हो गई है। साफ है कि व्यापारियों ने जीएसटी को अपनाया है। अब सरकार कारोबारियों की सुविधा के लिए कर की दरें पांच से घटाकर तीन करे तो एक्ट की जटिलता कम होगी।
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उन्होंने वैट की तर्ज पर रिवाइज रिटर्न की सुविधा बहाल करने की मांग उठाई। कहा पहले वर्ष पेनाल्टी और ब्याज माफ किया जाए। सिविल लाइंस व्यापार मंडल के महामंत्री शिवशंकर सिंह ने एक्ट को सरल बनाने पर जोर दिया। कहा कि ईवे बिल आसान हो, इसके पार्ट बी में गल्तियां हों तो माल न पकड़ा जाए। अन्य व्यापारियों ने जीएसटीएम पोर्टल की खामियां, समाधान योजना, मौके पर पेनाल्टी आदि मुद्दे जोरदारी से उठाए। इस मौके पर केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर विभाग के अपर आयुक्त श्याम धर, सहायक आयुक्त कीर्ति गुप्ता समेत अन्य अफसर, वाणिज्य कर विभाग के अफसर, व्यापार मंडलों, संगठनों के पदाधिकारियों के साथ सीए, निर्माण इकाइयों के अफसर मौजूद रहे।