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Prayagraj : शिकायतों के निस्तारण में अफसर नाकाम, प्रयागराज फिर 75वें स्थान पर
Wed, 10 Sep 2025 03:35 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 10 Sep 2025 03:35 PM IST
सार
शिकायतों के निस्तारण में अफसरों की लापरवाही लगातार जारी है। लगातार कार्रवाई के बाद भी सुधार नहीं दिखा और प्रयागराज सितंबर की रैंकिंग में भी आखिरी पायदान यानी प्रदेश में 75वें स्थान पर रहा।
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शिकायत।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
शिकायतों के निस्तारण में अफसरों की लापरवाही लगातार जारी है। लगातार कार्रवाई के बाद भी सुधार नहीं दिखा और प्रयागराज सितंबर की रैंकिंग में भी आखिरी पायदान यानी प्रदेश में 75वें स्थान पर रहा। आईजीआरएस पोर्टल पर आईं शिकायतों के निस्तारण में अफसर लगातार नाकाम साबित हो रहे हैं। इस वर्ष जनवरी महीने से ही प्रयागराज की खराब रैंकिंग का क्रम जारी है। मार्च से लेकर जुलाई तक तो प्रयागराज की रैंकिंग सूबे में लगातार 75वें स्थान पर रही।
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मंडलायुक्त, डीएम, एडीएम सिटी की लगातार मॉनिटरिंग एवं सख्ती के बावजूद अगस्त में एक स्थान का सुधार हुआ था और प्रयागराज 74वें स्थान पर रहा लेकिन सितंबर में फिर 75वां स्थान आया है। खास यह कि सबसे खराब स्थिति राजस्व विभाग की ही है। एसडीएम से लेकर लेखपाल तक की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही सामने आई है। इसे देखते हुए डीएम के निर्देश पर सोमवार को ही दो लेखपालों को निलंबित करने के साथ नौ को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी किया गया। इसके अलावा ग्राम्य विकास, बिजली, जल निगम की स्थिति खराब पाई गई है।
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इन विभागों में शिकायतकर्ताओं के फीडबैक नकारात्मक रहे हैं। कई अफसरों एवं कर्मचारियों ने तो शिकायतकर्ता से बात किए बिना ही शिकायत निस्तारित कर दिया। प्रयागराज की खराब रैंकिंग के पीछे इसे बड़ा कारण बताया जा रहा है।
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