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Prayagraj : स्ट्रीट लाइट घोटाले में अफसर भी दोषी, मंडलायुक्त ने कार्रवाई का दिया आदेश, मांगी रिपोर्ट

Fri, 26 Jul 2024 03:09 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 26 Jul 2024 03:09 PM IST
सार

प्रकाश मार्ग विभाग की ओर से शहर के अलग-अलग हिस्से में स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। यह काम निजी एजेंसियों को दिया गया है। एजेंसियों ने झूंसी, बाघम्बरी गद्दी, अल्लापुर पानी टंकी में 154 के बजाय 110 किग्रा के पोल लगा दिए हैं। स्ट्रीट लाइट ड्राइवर बदलने में भी लाखों रुपये का खेल किया गया है। इतना ही नहीं ड्राइवर के बदले एजेंसियों के भुगतान में भी भिन्नता है।

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Officer also guilty in street light scam, Divisional Commissioner ordered action, sought report
स्ट्रीट लाइट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

स्ट्रीट लाइट घोटाले में नगर निगम के प्रकाश मार्ग विभाग के अफसरों को दोषी पाया गया है। अपर नगर आयुक्तों की जांच रिपोर्ट के आधार के पर मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने नगर आयुक्त से सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करके रिपोर्ट मांगी है। इसी क्रम में स्ट्रीट लाइट एजेंसी के साथ अफसरों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की तैयारी की गई है। अफसरों से नुकसान की रिकवरी की जाएगी। इसी क्रम में अफसरों से जवाब भी मांगा गया है।

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प्रकाश मार्ग विभाग की ओर से शहर के अलग-अलग हिस्से में स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। यह काम निजी एजेंसियों को दिया गया है। एजेंसियों ने झूंसी, बाघम्बरी गद्दी, अल्लापुर पानी टंकी में 154 के बजाय 110 किग्रा के पोल लगा दिए हैं। स्ट्रीट लाइट ड्राइवर बदलने में भी लाखों रुपये का खेल किया गया है। इतना ही नहीं ड्राइवर के बदले एजेंसियों के भुगतान में भी भिन्नता है।
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मंडलायुक्त के पास इसकी शिकायत पहुंची थी। इसी क्रम में मंडलायुक्त के आदेश पर पहले अपर नगर आयुक्त अरविंद राय तथा इसके बाद अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव ने जांच की। दोनों अफसरों की जांच में शिकायत सही पाई गई है। एजेंसी ने भी स्वीकार किया है कि कम वजन के पोल लगा दिए हैं।

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खास यह कि इसके बाद भी एजेंसियों को पोल, ड्राइवर आदि का भुगतान कर दिया गया। नियमानुसार भुगतान से पहले अवर अभियंता, सहायक अभियंता तथा अधिशासी अभियंता की ओर से पांच-पांच फीसदी पोल तथा अन्य कार्यों की रेंडम जांच करनी चाहिए। ऐसे में मानक के विपरीत पोल तथा ड्राइवर लगाने में गड़बड़ी के बावजूद भुगतान किए जाने पर इन अफसरों को भी दोषी पाया गया है। भुगतान से संबंधित फाइलों पर मुख्य अभियंता का भी हस्ताक्षर है। ऐसे में उनकी भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।

मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिल चुकी है। एजेंसी तथा अफसर दोषी पाए गए हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई करके नगर आयुक्त से रिपोर्ट मांगी गई है। इसी क्रम में संबंधित एजेंसियों को डिबार करने के साथ उनसे वसूली की तैयारी है। एक कंपनी को कुल साढ़े चार करोड़ का भुगतान किया जाना है। अभी तक उसे करीब पौने तीन करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इस तरह से शेष राशि का भुगतान नहीं किए जाने की तैयारी है। अपर नगर आयुक्त की ओर से भुगतान पर रोक भी लगा दी गई है।

इसके अलावा अवर अभियंता, सहायक अभियंता तथा अधिशासी अभियंता के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी है। इनसे नुकसान की रिकवरी की जाएगी। साथ ही विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए शासन को भी लिखा जाएगा। इस बाबत अफसरों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। नगर आयुक्त चंद्रमोहन गर्ग का कहना है कि रिपोर्ट देखने के साथ जांच अधिकारियों से वार्ता के बाद सभी के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।

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