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रिजल्ट से पहले अभ्यर्थियों से आपत्तियां मांगेगा चयन बोर्ड

Sun, 19 Jun 2016 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 19 Jun 2016 02:16 AM IST
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Objections to the selection board will seek candidates before results
परीक्षा - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड टीजीटी-पीजीटी-2011 की परीक्षा पूरी होने केबाद अब सभी विषयों का उत्तर (आंसर-की) जारी करेगा। आंसर की जारी करने के बाद चयन बोर्ड की ओर से विषयवार अभ्यर्थियों से प्रश्नपत्र एवं उनके उत्तर को लेकर आपत्तियां मांगेगा। आपत्तियां मिलने के बाद चयन बोर्ड विशेषज्ञों की टीम के जरिए जांच करवाकर परीक्षार्थियों को जवाब देगा। आपित्तयां लेने के बाद परीक्षार्थियों के मिले सुझाव के अनुरूप संशोधित आंसर-की जारी करने के बाद परीक्षा परिणाम जारी किए जाएंगे।
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से हुई टीजीटी-पीजीटी परीक्षा पहली बार इतने विवादों में रही। पहले दिन हुई पीजीटी परीक्षा में बड़े पैमाने पर प्रश्नपत्र में गड़बड़ी और गलत सवाल पूछे जाने का मामला सामने आने और परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों को खुली बुकलेट मिलने की सूचना के बाद दूसरे एवं तीसरे दिन हुई टीजीटी की परीक्षा में बड़े पैमाने पर प्रश्नपत्रों में गलत सवाल पूछे गए। हिंदी जैसे विषय के प्रश्नपत्र में वर्तनी की त्रुटि पाई गई। बड़ी संख्या में सवालों के विकल्प ही गलत थे, कुछ सवालों में एक से अधिक विकल्प सही होने से परीक्षार्थी परेशान रहे।
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चयन बोर्ड सूत्रों का कहना है कि टीजीटी-पीजीटी-2011 के लिए प्रश्नपत्र तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. देवकी नंदन शर्मा के कार्यकाल में तैयार किया गया था। प्रश्नपत्र तैयार होने के बाद अध्यक्ष डॉ. देवकी नंदन शर्मा की कैंसर से मृत्यु हो जाने के बाद परीक्षा स्थगित कर दी गई। इसके बाद परीक्षा पदों का सत्यापन नहीं होने के कारण परीक्षा नहीं हो सकी। मामला कोर्ट में चले जाने के कारण बीच में टीजीटी-पीजीटी 2013 की परीक्षा पूरी हो गई परंतु 2011 की परीक्षा नहीं हो पाई। अब 2016 में हुई टीजीटी-पीजीटी परीक्षा 2011 में पुराने प्रश्नपत्र का उपयोग किया गया है। चयन बोर्ड का कहना है कि गलत प्रश्नपत्र तैयार करने वालों को काली सूची में डाला जाएगा। इसके लिए जिम्मेदार एजेंसी को दंडित किया जाएगा।
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