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अब नेत्रहीन भी जान-पढ़ सकेंगे अपने अधिकार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 04 Jan 2018 01:20 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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अब दिव्यांग विशेषकर नेत्रहीन भी अपने अधिकारों के बारे में अपनी ही लिपि में जान सकेंगे। रिसर्च इंस्टीट्यूट ऐंड वेलफेयर आर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमैनिटी की सचिव हरदीप कौर सिंह ने उनके लिए ‘निशक्त व्यक्ति अधिकार अधिनियम-2016’ लिखी है। खास यह कि इस पुस्तक को नेत्रहीनों केलिए राष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाली मुंबई की संस्था नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (एनएबी) ने मान्यता देते हुए ब्रेल प्रेस में प्रकाशित किया है।
यह पहला अवसर है जब एनएबी से इतर किसी रचनाकार की ओर से ब्रेल लिपि में लिखी हुई पुस्तक को एनएबी की ब्रेल प्रेस ने प्रकाशित किया है। इससे दिव्यांगों विशेषकर नेत्रहीनों को अपने अधिकारों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। हरदीप अब तक नेत्रहीनों के लिए ब्रेल लिपि में दर्जन भर से ज्यादा किताबें लिख चुकी हैं। इसके लिए उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से ‘मैं भी मलाला’ पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। फिलहाल वह ब्रेल प्रेस और पुस्तकालय की स्थापना में जुटी हैं।
ब्रेल दिवस की पूर्व संध्या पर बुधवार को नेत्रहीनों के लिए खास लिपि के आविष्कारक लुई ब्रेल को याद किया गया। रिसर्च इंस्टीट्यूट ऐंड वेलफेयर आर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमैनिटी की ओर से टैगोर टाउन स्थित संस्था कार्यालय में उनकी जयंती मनाई गई और नेत्रहीनों के लिए उनकी ओर से किए गए योगदान को याद किया गया। सचिव हरदीप कौर सिंह ने संचालन किया। श्याम सुंदर सिंह पटेल विशिष्ट अतिथि थे।
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यह पहला अवसर है जब एनएबी से इतर किसी रचनाकार की ओर से ब्रेल लिपि में लिखी हुई पुस्तक को एनएबी की ब्रेल प्रेस ने प्रकाशित किया है। इससे दिव्यांगों विशेषकर नेत्रहीनों को अपने अधिकारों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। हरदीप अब तक नेत्रहीनों के लिए ब्रेल लिपि में दर्जन भर से ज्यादा किताबें लिख चुकी हैं। इसके लिए उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से ‘मैं भी मलाला’ पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। फिलहाल वह ब्रेल प्रेस और पुस्तकालय की स्थापना में जुटी हैं।
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ब्रेल दिवस की पूर्व संध्या पर बुधवार को नेत्रहीनों के लिए खास लिपि के आविष्कारक लुई ब्रेल को याद किया गया। रिसर्च इंस्टीट्यूट ऐंड वेलफेयर आर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमैनिटी की ओर से टैगोर टाउन स्थित संस्था कार्यालय में उनकी जयंती मनाई गई और नेत्रहीनों के लिए उनकी ओर से किए गए योगदान को याद किया गया। सचिव हरदीप कौर सिंह ने संचालन किया। श्याम सुंदर सिंह पटेल विशिष्ट अतिथि थे।
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