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अब छात्र बताएंगे क्या है भ्रष्टाचार
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 27 Mar 2016 02:09 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम में अब छात्र-छात्राआें को भी शामिल किया जाएगा। सतर्कता जागरूकता के अंतर्गत युवा स्कूलों तथा गांवों में जाकर लोगों को बताएंगे कि भ्रष्टाचार क्या है और इसके खतरे किस कदर बढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं नैतिक शिक्षा भी इस अभियान का हिस्सा होगी। इसके अंतर्गत नैतिक शिक्षा, भ्रष्टाचार, भ्रष्टाचार निवारक संस्थाओं को स्कूली और उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल करने की भी कवायद शुरू की गई है। यूजीसी ने पत्र लिखकर विश्वविद्यालयों और कालेजों को इसे पाठ्यक्रम में शामिल करने की सलाह दी है।
केंद्रीय सतर्कता आयोग ने पाया है कि बच्चों और युवाओं में भ्रष्टाचार को लेकर जागरूकता की कमी है। विद्यार्थियों को यह जानकारी नहीं है कि इसका समाज पर क्या दुष्प्रभाव है और इसकी शिकायत कहां की जाए। ऐसे में आउटरिच प्रोग्राम के तहत उन्हें जागरूक करने तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम में उन्हें जिम्मेदारी सौंपे जाने की योजना बनाई गई है। इस मकसद से उच्च शिक्षण संस्थानों में भी सतर्कता जागरूकता सप्ताह के आयोजन तथा अन्य कार्यक्रम चलाने की घोषणा की गई है। यूजीसी की ओर से संस्थानों को इस बाबत पत्र लिखा गया है।
इसमें विद्यार्थियों को भ्रष्टाचार के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्रशिक्षित युवा स्कूलों और शहर तथा गांव के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बच्चों तथा अन्य लोगों को जागरूक करेंगे। इसके तहत विद्यार्थियों को भ्रष्टाचार के साथ इस पर नियंत्रण रखने वाली संस्थाओं केंद्रीय सतर्कता आयोग, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन आदि के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। केंद्रीय सतर्कता आयोग ने स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में भी इन बिंदुओं को शामिल करने की सलाह दी है। आयोग के पत्र के बाद यूजीसी ने भी इसके लिए पहल शुरू कर दी है।
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केंद्रीय सतर्कता आयोग ने पाया है कि बच्चों और युवाओं में भ्रष्टाचार को लेकर जागरूकता की कमी है। विद्यार्थियों को यह जानकारी नहीं है कि इसका समाज पर क्या दुष्प्रभाव है और इसकी शिकायत कहां की जाए। ऐसे में आउटरिच प्रोग्राम के तहत उन्हें जागरूक करने तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम में उन्हें जिम्मेदारी सौंपे जाने की योजना बनाई गई है। इस मकसद से उच्च शिक्षण संस्थानों में भी सतर्कता जागरूकता सप्ताह के आयोजन तथा अन्य कार्यक्रम चलाने की घोषणा की गई है। यूजीसी की ओर से संस्थानों को इस बाबत पत्र लिखा गया है।
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इसमें विद्यार्थियों को भ्रष्टाचार के प्रति जागरूक किया जाएगा। प्रशिक्षित युवा स्कूलों और शहर तथा गांव के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बच्चों तथा अन्य लोगों को जागरूक करेंगे। इसके तहत विद्यार्थियों को भ्रष्टाचार के साथ इस पर नियंत्रण रखने वाली संस्थाओं केंद्रीय सतर्कता आयोग, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टीगेशन आदि के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। केंद्रीय सतर्कता आयोग ने स्कूली शिक्षा के पाठ्यक्रम में भी इन बिंदुओं को शामिल करने की सलाह दी है। आयोग के पत्र के बाद यूजीसी ने भी इसके लिए पहल शुरू कर दी है।
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