Prayagraj : अब जोन के डीसीपी करेंगे शस्त्र लाइसेंस की संस्तुति, आयुक्त प्रणाली में जांच प्रक्रिया में बदलाव
पुलिस आयुक्त प्रणाली में अब शस्त्र लाइसेंस प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। शस्त्र लाइसेंस की संस्तुति जोन के डीसीपी करेंगे। इसके अलावा सीमा विस्तार, सत्यापन, क्रय-विक्रय, शस्त्र समर्पण, पता परिवर्तन, नवीनीकरण व निरस्तीकरण की कार्रवाई भी डीसीपी ही करेंगे।
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पुलिस आयुक्त प्रणाली में अब शस्त्र लाइसेंस प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। शस्त्र लाइसेंस की संस्तुति जोन के डीसीपी करेंगे। इसके अलावा सीमा विस्तार, सत्यापन, क्रय-विक्रय, शस्त्र समर्पण, पता परिवर्तन, नवीनीकरण व निरस्तीकरण की कार्रवाई भी डीसीपी ही करेंगे। पुलिस आयुक्त रमित शर्मा की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। पहले यह संस्तुति एसएसपी द्वारा की जाती थी।
इस संबंध में डीएम कार्यालय से प्राप्त नवीन शस्त्र आवेदनों को संबंधित जोन के डीसीपी कार्यालय में भेजा जाएगा। वह इसे थानों को प्रेषित करेंगे। जो आख्या निर्धारित समयावधि में डीसीआरबी को देगा। डीसीआरबी (जिला अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) टिप्पणी/आख्या के साथ आवेदन को संबंधित एसीपी को भेजेंगे, जो अपनी रिपोर्ट के साथ आवेदन को वापस डीसीपी को भेजेंगे। इसके बाद डीसीपी आख्या के साथ आवेदन निर्धारित समयावधि में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में भेजेंगे।
नवीनीकरण की यह होगी प्रक्रिया
शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण आवेदन को डीसीपी कार्यालय से संबंधित थाने भेजा जाएगा। जहां से थाना प्रभारी रिपोर्ट लगाकर आवेदन डीसीआरबी को देंगे। डीसीआरबी से आवेदन एसीपी के पास जाएंगे। जो रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद अपनी आख्या समेत आवेदन संबंधित मजिस्ट्रेट कार्यालय में भेजेंगे।
ऐसे कराया जाएगा निरस्तीकरण
शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए थाना प्रभारी आख्या सहित रिपोर्ट एसीपी को प्रेषित करेंगे। एसीपी टिप्पणी अंकित करते हुए रिपोर्ट डीसीपी के पास भेजेंगे। जो परीक्षण के बाद इसे जिला मजिस्ट्रेट को अग्रसारित करेंगे। इसके अलावा थाना, डीसीआरबी, एसीपी व डीसीपी कार्यालय में शस्त्र लाइसेंस संबंधी सभी कार्रवाई का अभिलेखीकरण करेंगे।