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अब जूनियर कक्षाओं से ही सीखेंगे फाइनेंशियल मैनेजमेंट
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 09 May 2016 01:57 AM IST
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स्कूल
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विद्यार्थियों को जीवन में वित्तीय प्रबंधन का गुर सिखाने के लिए अब शुरुआत से ही पहल की जाएगी ताकि वित्तीय एवं मार्केट प्रबंधन के बारे में वे आरंभिक स्तर से ही परिचित होकर जीवन में इसका बेहतर उपयोग कर सकें। सीबीएसई ने लिटरेसी प्रोग्राम के तहत जूनियर स्तर की कक्षाओं से ही फाइनेंशियल मार्केट मैनेजमेंट जबकि नौवीं एवं दसवीं में इसे पाठ्यक्रम के रूप में शामिल करने का फैसला किया है।
इससे पहले वर्ष 2009 में पहली बार स्कूलों में प्रोफेशनल कोर्स के साथ ग्यारहवीं एवं बारहवीं की कक्षा में फाइनेंशियल मार्केट मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू की गई थी। प्रोफेशनल कोर्स शुरू किए जाने के फैसले के बाद से ही विद्यार्थी एवं अभिभावकों में इस कोर्स में प्रवेश के लिए रुझान बढ़ा। इतना ही नहीं नए पाठ्यक्रम के प्रति अभिभावकों में रुझान बढ़ाने और वित्तीय प्रबंधन के बारे में विद्यार्थियों की समझ परखने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं आरबीआई की ओर से समय-सइन प्रतियोगिताएं भी कराई जाती है।
‘सीबीएसई की ओर से स्कूल स्तर पर वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी पढ़ाई-लिखाई करने के लिए फाइनेंशियल मार्केट मैनेजमेंट का कोर्स शुरू किए जाने के निर्णय से अभिभावकों को विकल्प चुनने की आजादी होगी। बच्चे आरंभिक स्तर से ही वित्तीय प्रबंधन की जानकारी ले सकेंगे।’
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0 डॉ. लक्ष्मण चतुर्वेदी, अभिभावक
‘सीबीएसई की ओर से पहले ग्यारहवीं-बारहवीं और अब नौवीं से दसवीं कक्षाओं में फाइनेंशियल मार्केट मैनेजमेंट का कोर्स तथा छठवीं से आठवी कक्षा में फाइनेंस से जुड़ी जानकारी के लिए लिटरेसी प्रोग्राम चलाए जाने का निर्णय सराहनीय है। इससे बच्चे आरंभिक स्तर पर मार्केट से जुड़ी जानकारी से जुड़ सकेंगे।’
0 डॉ.एके वर्मा, शिक्षक, राजकीय पीजी कॉलेज
टीपीएस की प्रधानाचार्या कावेरी अधिकारी के मुताबिक टीपीएस शहर का पहला ‘मनी स्मार्ट स्कूल’ बन गया है। यहां पहली बार 2009 में ग्यारहवीं कक्षा से फाइनेंशियल मार्केट मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू हु़ई थी, अब छठवीं कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए लिटरेसी कोर्स और नौवीं एवं दसवीं के छात्रों के लिए फाइनेंशियल मार्केट मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू करने का फैसला किया गया है। कॉमर्स के शिक्षक सौरभ मल्होत्रा कहते हैं, फाइनेंशियल मार्केट मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थी कौन से कोर्स कर सकते हैं और उन्हें कहां नौकरी मिल सकती है, इसकी जानकारी भी दी जाएगी।
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इससे पहले वर्ष 2009 में पहली बार स्कूलों में प्रोफेशनल कोर्स के साथ ग्यारहवीं एवं बारहवीं की कक्षा में फाइनेंशियल मार्केट मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू की गई थी। प्रोफेशनल कोर्स शुरू किए जाने के फैसले के बाद से ही विद्यार्थी एवं अभिभावकों में इस कोर्स में प्रवेश के लिए रुझान बढ़ा। इतना ही नहीं नए पाठ्यक्रम के प्रति अभिभावकों में रुझान बढ़ाने और वित्तीय प्रबंधन के बारे में विद्यार्थियों की समझ परखने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं आरबीआई की ओर से समय-सइन प्रतियोगिताएं भी कराई जाती है।
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‘सीबीएसई की ओर से स्कूल स्तर पर वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी पढ़ाई-लिखाई करने के लिए फाइनेंशियल मार्केट मैनेजमेंट का कोर्स शुरू किए जाने के निर्णय से अभिभावकों को विकल्प चुनने की आजादी होगी। बच्चे आरंभिक स्तर से ही वित्तीय प्रबंधन की जानकारी ले सकेंगे।’
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0 डॉ. लक्ष्मण चतुर्वेदी, अभिभावक
‘सीबीएसई की ओर से पहले ग्यारहवीं-बारहवीं और अब नौवीं से दसवीं कक्षाओं में फाइनेंशियल मार्केट मैनेजमेंट का कोर्स तथा छठवीं से आठवी कक्षा में फाइनेंस से जुड़ी जानकारी के लिए लिटरेसी प्रोग्राम चलाए जाने का निर्णय सराहनीय है। इससे बच्चे आरंभिक स्तर पर मार्केट से जुड़ी जानकारी से जुड़ सकेंगे।’
0 डॉ.एके वर्मा, शिक्षक, राजकीय पीजी कॉलेज
टीपीएस की प्रधानाचार्या कावेरी अधिकारी के मुताबिक टीपीएस शहर का पहला ‘मनी स्मार्ट स्कूल’ बन गया है। यहां पहली बार 2009 में ग्यारहवीं कक्षा से फाइनेंशियल मार्केट मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू हु़ई थी, अब छठवीं कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए लिटरेसी कोर्स और नौवीं एवं दसवीं के छात्रों के लिए फाइनेंशियल मार्केट मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू करने का फैसला किया गया है। कॉमर्स के शिक्षक सौरभ मल्होत्रा कहते हैं, फाइनेंशियल मार्केट मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थी कौन से कोर्स कर सकते हैं और उन्हें कहां नौकरी मिल सकती है, इसकी जानकारी भी दी जाएगी।