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अब होली बाद होगा विवि में हड़ताल पर फैसला

Sat, 11 Mar 2017 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 11 Mar 2017 01:42 AM IST
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Now Holi will decide on the strike in the university
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
इविवि प्रशासन की परीक्षा में चुनौती बढ़ सकती है। कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को भी जारी रही। हड़ताल खत्म होगी या नहीं इस पर होली बाद मंगलवार को फैसला होगा। आम सभा में हाईकोर्ट के आदेश के परिपेक्ष्य में आगे की रणनीति तय की जाएगी। हालांकि हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद बड़ी संख्या में हड़ताल से पीछे हटते दिखे। उन्होंने काम भी शुरू कर दिया। परीक्षा विभाग के तो ज्यादातर कर्मचारियों ने काम शुरू कर दिया।
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15 सूत्रीय मांग को लेकर कर्मचारियों की हड़ताल लगातार 10वें दिन जारी रही। इसकी वजह से ज्यादातर काउंटर बंद रहे। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत डीएसडब्ल्यू ऑफिस के सामने कर्मचारियों तथा छात्र नेताओं का जमावड़ा हुआ। उन्होंने मांग के समर्थन में हुंकार भरी। मिनिस्टीरियल एंड टेकभनीकल स्टाफ यूनियन के अध्यक्ष डॉ.संतोष सहाय का कहना है कि  आमसभा में हड़ताल पर निर्णय लिया जाएगा। वर्कर्स स्टॉफ यूनियन के अध्यक्ष छोटे लाल मौर्य का कहना है कि न्यायालय के आदेश की कॉपी अब भी उन्हें नहीं मिली है। इसलिए इस बारे में वह कुछ नहीं कर सकते। उनका कहना है कि मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में हड़ताल पर गए कर्मचारी छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा की अगुवाई में ही वार्ता पर अड़े हैं। शुक्रवार को प्रेसवार्ता में कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ.संतोष सहाय का कहना था कि उन्हें डर है कि अफसर उन्हें डरा-धमकाकर दबाव बना सकते हैं। इसलिए वार्ता में छात्रसंघ अध्यक्ष का रहना जरूरी है। छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा का भी कहना था कि विश्वविद्यालय प्रशासन की भी मंशा ठीक नहीं है। इसलिए उन्हें वार्ता में शामिल करना नहीं चाहता। रोहित ने कुलपति तथा अन्य अफसरों पर असंवेदनहीन होने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि कर्मचारियों की मांगें मानी नहीं गई है लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से लगातार मांग माने जाने की बात कहकर गुमराह किया जा रहा है।
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हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों के हड़ताल के प्रति सख्त हो गया है। पीआरओ प्रोफेसर हर्ष कुमार का कहना है कि न्यायालय के आदेश का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। इसी क्रम में सभी विभागों तथा अनुभागों से कर्मचारियों का उपस्थिति रजिस्टर कुलपति कार्यालय में मंगा लिया गया है। इसके लिए अफसरों ने स्वयं विभागों की दौड़ लगाई। ऐसे में हड़ताल पर गए कर्मचारियों की परेशानी बढ़ सकती है।

हड़ताल के परिपेक्ष्य में इलाहाबाद विश्वविद्यालय कार्यपरिषद की आपात बैठक 16 मार्च को संभावित है। इसमें हड़ताल में शामिल कर्मचारियों के खिलाफ ‘काम नहीं तो वेतन नहीं’ का फैसला लिया जा सकता है। इससे उनका सर्विस भी ब्रेक होने का भी खतरा होगा, जिसका नुकसान उन्हें भविष्य में भी उठाना पड़ेगा।


कालेज कर्मियों की फीकी हुई होली, नहीं मिला वेतन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से संघटक कालेजों के अध्यापकों तथा अन्य स्टॉफ की होली फीकी हो गई है। उन्हें फरवरी माह का वेतन ही नहीं मिला है। इससे उनमें नाराजगी है।
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