Mahakumbh : आम श्रद्धालु ही नहीं, अरबपति बिजनेस टाइकून भी महाकुंभ के मुरीद, आनंद महिंद्रा ने बखानी महिमा
उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने कहा कि महाकुंभ से उनका कई साल पुराना जुड़ाव है। 1977 में आयोजित महाकुंभ में वह छात्र फिल्म निर्माता के रूप में इस आयोजन में शामिल हुए थे। वह वहां अपनी थीसिस फिल्म, जिसका नाम ‘यात्रा’ था, के फुटेज शूट करने के लिए पहुंचे थे।
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महाकुंभ का आकर्षण ही ऐसा है। आम श्रद्धालु क्या, बिजनेस टाइकून भी इससे अछूते नहीं हैं। भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की सूची में शामिल बिजनेसमैन आनंद महिंद्रा अपने 48 साल पुराने अनुभव को साझा करते हुए कहा है कि महाकुंभ के लिए उनके दिल में विशेष स्थान है। यह बात उन्होंने विश्व के सबसे बड़े धार्मिक समागम की शुरुआत के पहले सोशल मीडिया पर साझा की है।
उन्होंने कहा है कि महाकुंभ से उनका कई साल पुराना जुड़ाव है। 1977 में आयोजित महाकुंभ में वह छात्र फिल्म निर्माता के रूप में इस आयोजन में शामिल हुए थे। वह वहां अपनी थीसिस फिल्म, जिसका नाम ‘यात्रा’ था, के फुटेज शूट करने के लिए पहुंचे थे।
उस समय भी वह यह देखकर हैरान रह गए थे कि प्रशासन ने इतनी अविश्वसनीय साजो-सामान संबंधी चुनौती का प्रबंधन कैसे किया। आज महाकुंभ में शामिल होने जा रहे लोगों की अनुमानित संख्या सुनकर ही दिमाग चकरा जाता है। नि:संदेह यह दुनिया का सबसे बड़ा आयोजन है।
यह वास्तव में प्राचीन व आधुनिक, दोनों दुनिया के आश्चर्य में से एक है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने यह बातें लिखी हैं और महाकुंभ की अद्भुत छटा समेटे हुए 18 सेकेंड का एक वीडियो भी शेयर किया है। उनकी पोस्ट को रविवार शाम तक 40 हजार से ज्यादा लोग देख चुके थे।
आयोजन में अहम भूमिका निभाने वालों को भी किया सैल्यूट
आनंद महिंद्रा ने महाकुंभ की महिमा बखान करने के साथ ही उन गुमनाम नायकों को भी सैल्यूट किया है, जो इस आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने लिखा है कि आयोजन को शांतिपूर्ण व कुशलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए बिना थके अथक प्रयास करने वालों को वह सलाम करते हैं।
कौन हैं आनंद महिंद्रा
आनंद महिंद्रा भारत के अरबपति व्यवसायी हैं और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन हैं। नौ अक्तूबर 2024 को फोर्ब्स मैगजीन की ओर से भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की सूची में उनका नाम शामिल किया गया था। उस दौरान उनकी कुल संपत्ति 3.97 बिलियन डॉलर थी। जनवरी 2020 में उन्हें भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण भी प्रदान किया जा चुका है। इससे पूर्व फाॅर्च्यून मैगजीन की ओर से एशिया के 25 सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों की सूची में भी उन्हें जगह दी जा चुकी है।