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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Not just the child's wishes, but their bright future and welfare are paramount.

हाईकोर्ट : बच्चे की मर्जी ही नहीं, उसका उज्ज्वल भविष्य और कल्याण सर्वोपरि, कोर्ट ने की टिप्पणी

Mon, 24 Aug 2026 03:05 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 24 Aug 2026 03:05 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अभिरक्षा तय करते समय बच्चे की इच्छा ही एकमात्र आधार नहीं हो सकती, उसका सर्वोत्तम कल्याण, सुरक्षा, शिक्षा और बेहतर भविष्य भी सर्वोपरि होता है।

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Not just the child's wishes, but their bright future and welfare are paramount.
इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक।

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि अभिरक्षा तय करते समय बच्चे की इच्छा ही एकमात्र आधार नहीं हो सकती, उसका सर्वोत्तम कल्याण, सुरक्षा, शिक्षा और बेहतर भविष्य भी सर्वोपरि होता है। इस टिप्पणी संग कोर्ट ने आठ वर्षीय बच्ची की अभिरक्षा उसके पिता और सौतेली मां को सौंप दी। यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन की एकल पीठ ने एटा निवासी सौरभ की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है।

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सौरभ की बेटी के जन्म के तुरंत बाद उनकी पत्नी की मौत हो गई थी। ऐसे में बच्ची एटा में अपने नाना-नानी के पास रह रही थी। सौरभ राजस्थान में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने याचिका दायर कर बच्ची की अभिरक्षा मांगी थी। आदेश पर बच्ची अदालत में उपस्थित हुई और उसने नाना-नानी के साथ ही रहने की इच्छा जताई। इस पर पिता ने कोर्ट को बताया कि पहली पत्नी की मौत के बाद उन्होंने 2025 में दूसरी शादी की थी। कोर्ट में दूसरी पत्नी ने बच्ची की पूरी देखभाल का आश्वासन दिया।
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स्थिर माहौल : कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि बच्ची के नाना-नानी की उम्र 65 से 67 वर्ष के बीच है और वे सेवानिवृत्त हो चुके हैं। बच्ची का नाना-नानी से भावनात्मक जुड़ाव है, लेकिन आठ साल उम्र में वह अपने भविष्य के नफा-नुकसान को समझने में सक्षम नहीं है। ऐसे में कोर्ट ने माना कि माता-पिता बच्ची को बेहतर शिक्षा, सुरक्षा और एक स्थिर पारिवारिक माहौल देने के लिए अधिक उपयुक्त स्थिति में हैं। भावनात्मक जुड़ाव का सम्मान: कोर्ट ने नाना-नानी के प्रति बच्ची के लगाव को देखते हुए उन्हें मुलाकात का अधिकार दिया है, ताकि रिश्ता बना रहे।

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