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सीबीसीएस को रद्द करने के पक्ष में 1730 मत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 21 Aug 2015 01:25 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की ओर से आयोजित कन्वेंशन में ‘च्वाइस बेस्ट क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) एवं कॉमन यूनिवर्सिटी बिल’ पर कराए गए जनमत संग्रह में विरोध में 1730 छात्र-छात्राओं ने विरोध में और 192 ने पक्ष में मत किया। संग्रह में कुल 1927 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ भवन पर जनमत संग्रह के पूर्व आयोजित ‘छात्र कन्वेंशन’ में इस मामले को लेकर चर्चा की गई।
संगठन के राज्य सचिव अखिल विकल्प ने इसे शिक्षक, कर्मचारी और छात्रों के लिए खतरनाक बताया। कहा कि यह बिल उच्च शिक्षा के अवसरों को कम करने वाला है। सरकार की इस नीति के चलते शिक्षा का निजीकरण एवं बाजारीकरण बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में कोई भी बदलाव होने से पहले छात्रों, शिक्षकों, शिक्षाविदों एवं समाज के प्रगतिशील लोगों की राय लेनी चाहिए। सीबीसीएस लागू होने से सामाजिक विज्ञान, कला एवं मानविकी के विषय हाशिए पर चले जाएंगे। जीबी पंत संस्थान के शोध छात्र रमाशंकर ने कहा कि सीबीसीएस के नियम सिर्फ सरकारी कॉलेजों एवं विवि पर लागू होंगे।
निजी विवि एवं कॉलेजों पर नहीं होंगे। नतीजा होगा निजी विश्वविद्यालय मनमानी करेंगे। कार्यक्रम में इविवि छात्रसंघ के सचिव एवं एआईडीएसओ के अंकुश दुबे ने इसे गैर लोकतांत्रिक फरमान बताया। आइसा के राज्य सचिव सुनील मौर्य ने कहा कि यह सोचने की क्षमता पर हमला करने वाला है। कन्वेंशन की अध्यक्षता जय प्रकाश ने की। इस मौके पर सुयश, फिरोज, अनूप, अरशद, सतीश सहित बड़ी संख्या में विवि के छात्र-छात्रा मौजूद रहे।
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संगठन के राज्य सचिव अखिल विकल्प ने इसे शिक्षक, कर्मचारी और छात्रों के लिए खतरनाक बताया। कहा कि यह बिल उच्च शिक्षा के अवसरों को कम करने वाला है। सरकार की इस नीति के चलते शिक्षा का निजीकरण एवं बाजारीकरण बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में कोई भी बदलाव होने से पहले छात्रों, शिक्षकों, शिक्षाविदों एवं समाज के प्रगतिशील लोगों की राय लेनी चाहिए। सीबीसीएस लागू होने से सामाजिक विज्ञान, कला एवं मानविकी के विषय हाशिए पर चले जाएंगे। जीबी पंत संस्थान के शोध छात्र रमाशंकर ने कहा कि सीबीसीएस के नियम सिर्फ सरकारी कॉलेजों एवं विवि पर लागू होंगे।
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निजी विवि एवं कॉलेजों पर नहीं होंगे। नतीजा होगा निजी विश्वविद्यालय मनमानी करेंगे। कार्यक्रम में इविवि छात्रसंघ के सचिव एवं एआईडीएसओ के अंकुश दुबे ने इसे गैर लोकतांत्रिक फरमान बताया। आइसा के राज्य सचिव सुनील मौर्य ने कहा कि यह सोचने की क्षमता पर हमला करने वाला है। कन्वेंशन की अध्यक्षता जय प्रकाश ने की। इस मौके पर सुयश, फिरोज, अनूप, अरशद, सतीश सहित बड़ी संख्या में विवि के छात्र-छात्रा मौजूद रहे।
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