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प्रसूता को नहीं किया भर्ती, एंबुलेंस में जना बच्चा
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 25 Sep 2016 02:02 AM IST
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गांव औनपुरा में लाखों की चोरी
- फोटो : अमर उजाला
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इलाहाबाद। धरती के भगवान कहे जाने वाले डफरिन और एसआरएन चिकित्सालय के डॉक्टरों की संवेदनहीनता शनिवार को एक बार फिर सामने आई। प्रसूता को तमाम बहाने बताकर भर्ती नहीं किया। घर लौट रही प्रसूता ने शास्त्री ब्रिज पर एंबुलेंस में बच्चे को जन्म दे दिया। खून बहने से प्रसूता को एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उसका उपचार चल रहा है। प्रसूता के साथ इलाके की आशा भी मौजूद रही।
सरायनाइत के डुडुही गांव की रहने वाली प्रियंका पत्नी चंदन कुशवाहा पेट में दर्द होने के बाद एंबुलेंस से डफरिन पहुंची थी। डफरिन की चिकित्सकों ने ऑपरेशन का हवाला देकर एसआरएन चिकित्सालय रेफर कर दिया। एसआरएन के गॉयनी विभाग के लेबर रूम में जब वह पहुंची तो उससे बताया कि एचआईवी मरीज का प्रसव हुआ है इसलिए ऑपरेशन नहीं हो सकता है। इसके अलावा प्रियंका से यह भी कहा कि बच्चा की धड़कन कम है और इंफेक्शन है। बेहोशी के डॉक्टर भी नहीं है। भर्ती न किए जाने पर प्रियंका अपने घर लौटने लगी। एंबुलेंस जैसे ही शास्त्री ब्रिज पर पहुंची उसने बेटे को जन्म दिया। खून अधिक बहने से घर वालों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती किया है। डफरिन और एसआरएन चिकित्सालय के चिकित्सकों की ऐसी संवेदनहीनता को लेकर परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने डीएम, कमिश्नर से शिकायत करने का निर्णय लिया है।
चिकित्सकीय सुधार पर दिया बल
इलाहाबाद(ब्यूरो)। मंडलायुक्त राजन शुक्ला ने शनिवार को गांधी सभागार में आयोजित मंडलीय हेल्थ पार्टनर फोरम की बैठक में चिकित्सकीय सुधार पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रमों की प्रगति बढ़ाने का निर्देश दिया। इस दौरान कौशांबी के सीएमओ के न रहने पर नाराजगी जताई। उन्होंने जएसवाई, जएसएसके, फैमिली प्लानिंग, टीकाकरण समेत तमाम कार्यक्रमों की जानकारी ली। बैठक में जेडीसी सुरेश चंद्र, फोरम के झपाईगो, यूएनडीपी, सीआरएस, पीसीआई, पीएफआई समेत तमाम चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।
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सरायनाइत के डुडुही गांव की रहने वाली प्रियंका पत्नी चंदन कुशवाहा पेट में दर्द होने के बाद एंबुलेंस से डफरिन पहुंची थी। डफरिन की चिकित्सकों ने ऑपरेशन का हवाला देकर एसआरएन चिकित्सालय रेफर कर दिया। एसआरएन के गॉयनी विभाग के लेबर रूम में जब वह पहुंची तो उससे बताया कि एचआईवी मरीज का प्रसव हुआ है इसलिए ऑपरेशन नहीं हो सकता है। इसके अलावा प्रियंका से यह भी कहा कि बच्चा की धड़कन कम है और इंफेक्शन है। बेहोशी के डॉक्टर भी नहीं है। भर्ती न किए जाने पर प्रियंका अपने घर लौटने लगी। एंबुलेंस जैसे ही शास्त्री ब्रिज पर पहुंची उसने बेटे को जन्म दिया। खून अधिक बहने से घर वालों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती किया है। डफरिन और एसआरएन चिकित्सालय के चिकित्सकों की ऐसी संवेदनहीनता को लेकर परिजनों में आक्रोश है। उन्होंने डीएम, कमिश्नर से शिकायत करने का निर्णय लिया है।
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चिकित्सकीय सुधार पर दिया बल
इलाहाबाद(ब्यूरो)। मंडलायुक्त राजन शुक्ला ने शनिवार को गांधी सभागार में आयोजित मंडलीय हेल्थ पार्टनर फोरम की बैठक में चिकित्सकीय सुधार पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रमों की प्रगति बढ़ाने का निर्देश दिया। इस दौरान कौशांबी के सीएमओ के न रहने पर नाराजगी जताई। उन्होंने जएसवाई, जएसएसके, फैमिली प्लानिंग, टीकाकरण समेत तमाम कार्यक्रमों की जानकारी ली। बैठक में जेडीसी सुरेश चंद्र, फोरम के झपाईगो, यूएनडीपी, सीआरएस, पीसीआई, पीएफआई समेत तमाम चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।
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