North Tech Symposium Prayagraj : सीएम योगी बोले- शक्ति और सामर्थ्य से ही संभव है शांति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रयागराज में भारतीय सेना की ओर से आयोजित नॉर्थ टेक सिंपोजियम ‘त्रिवेणी रक्षा संगम’ देश की बढ़ती सैन्य ताकत और उत्तर प्रदेश की बदलती पहचान को दुनिया के सामने रखा।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रयागराज में भारतीय सेना की ओर से आयोजित नॉर्थ टेक सिंपोजियम ‘त्रिवेणी रक्षा संगम’ देश की बढ़ती सैन्य ताकत और उत्तर प्रदेश की बदलती पहचान को दुनिया के सामने रखा। समागम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के विजन के कारण आज भारत रक्षा क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भर हो रहा है, बल्कि दुनिया को अपनी ताकत का अहसास भी करा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की संस्कृति हमेशा से 'वसुधैव कुटुंबकम' की रही है और हम पूरे विश्व को एक परिवार मानते हैं, लेकिन उदारता का संदेश वही दे सकता है जिसके पास शक्ति और सामर्थ्य हो। भारत अपनी सैन्य ताकत किसी पर हमला करने के लिए नहीं, बल्कि शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बढ़ा रहा है।
भारतीय सेना के उत्तरी तथा मध्य कमान तथा भारतीय रक्षा निर्माता सोसायटी की ओर से न्यू कैंट स्थित कोबरा ऑडिटोरियम में तीन दिवसीय सिंपोजियम के अंतिम दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि देश रक्षा उत्पादों के मामले में आयात से निर्यात के पथ पर तेजी से अग्रसर है। एक समय था जब भारत मात्र 600 करोड़ रुपये के रक्षा उत्पादों का निर्यात करता था, लेकिन आज यह आंकड़ा 38 हजार करोड़ से 50 हजार करोड़ रुपये की विशाल क्षमता तक पहुंच गया है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि राज्य के छह रणनीतिक डिफेंस कॉरिडोर में 35 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर रहे हैं। लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण होना यूपी के लिए गर्व की बात है। प्रदेश सरकार के पास रक्षा उद्योगों के लिए पर्याप्त लैंड बैंक मौजूद है और यूपी का विशाल एमएसएमई बेस व 56 फीसदी स्किल्ड युवा आबादी इस क्षेत्र के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रही है।
थल, जल और नभ नहीं बल्कि युद्ध अब मल्टी डोमेन में कर चुका है प्रवेश
युद्ध के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए सीएम योगी ने सैन्य अधिकारियों और विशेषज्ञों को आगाह किया कि अब चुनौतियां केवल थल, जल और नभ तक सीमित नहीं रह गई हैं। युद्ध अब मल्टी-डोमेन में प्रवेश कर चुका है, जहां साइबर हमले, स्पेस वारफेयर और इलेक्ट्रो-मैग्नेटिक की-बोर्ड आज के दौर के सबसे घातक हथियार बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी, नॉलेज और इनोवेशन का यह संगम भविष्य की चुनौतियों से निपटने में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक सीमा पर सैनिकों के कदम अडिग रहते हैं, तब तक पूरा देश चैन की नींद सोता है। उन्होंने उत्तर और मध्य कमान के अधिकारियों को इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए उद्यमियों को आश्वस्त किया कि यूपी सरकार रक्षा क्षेत्र में निवेश करने वालों को हर संभव सहायता और सुरक्षा प्रदान करेगी।
सियाचिन से रेगिस्तान तक जवानों को नमन
सीएम योगी ने दुर्गम चोटियों से लेकर तपते रेगिस्तान तक देश की रक्षा करने वाले जवानों के शौर्य को नमन किया। उन्होंने प्रयागराज की धरती को ज्ञान और न्याय का केंद्र बताते हुए कहा कि अब यह शहर तकनीक और नवाचार की नई पहचान बना रहा है। इस अवसर पर मध्य कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्य सेनगुप्ता ने बताया कि बीते एक साल में मध्य कमान ने 28 शोध परियोजनाओं पर काम किया है, जिससे प्रदेश में 600 करोड़ रुपये का निवेश आया है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि यूपी डिफेंस कॉरिडोर जल्द ही नॉलेज कॉरिडोर बनेगा। वहीं, उत्तरी कमान के लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने भी एक्सप्रेसवे और औद्योगिक विकास में यूपी की अग्रणी भूमिका की सराहना करते हुए निजी क्षेत्र और सेना के तालमेल पर जोर दिया। इस दौरान सीएम योगी और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी को स्मृति चिह्न भी भेंट किया गया।