उपलब्धि : अंतर्राष्ट्रीय ट्रॉयथलॉन में आयरनमैन बने एनसीआर के अधिकारी सर्वेश, पहले प्रयास में हासिल किया मुकाम
उनका कहना है कि जिंदगी उतार-चढ़ाव का रास्ता है और यह आपके सामने हर तरह की परिस्थितियां और चुनौतियां लाती है, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि उन परिस्थितियों को कुछ खास बनाया जाए। इससे पहले,उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले तीन वर्षों में उन्होंने अनेक हाफ और फुल मैराथन पूरी की हैं।
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उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) मुख्यालय प्रयागराज के अधिकारी सर्वेश द्विवेदी पहले आयरनमैन बनकर एनसीआर को गौरवान्वित किया है। सर्वेश 2009 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं और वर्तमान में उप मुख्य सामग्री प्रबंधक/यांत्रिक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने आठ अक्तूबर को आयरनमैन गोवा 70.3 ट्रायथलॉन में भाग लिया। सर्वेश ने पूरी दौड़ 6 घंटे 40 मिनट में पूरी की। यह मुकाम उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में हासिल किया है। दुनिया के करीब 50 देशों के लगभग 1500 ट्राई एथलीटों ने इस आयोजन में भाग लिया। सर्वेश 35-39 वर्ष के आयु वर्ग में 30वीं रैंक (ओवरऑल रैंक 135) पर थे।
पिछले साल कंधे की चोट के कारण वह इसमें हिस्सा नहीं ले सके थे। यह पूछने पर कि प्रशिक्षण के दौरान वह किस चीज के कारण लंबे समय तक चलते रहे। उन्होंने कहा ; लंबी दूरी की ट्रॉयथलॉन के लिए प्रशिक्षण एक गोरिल्ला से लड़ने जैसा है। जब आप थके हुए होते हैं तब भी आप नहीं रुकते। आप तब रुकते हैं जब गोरिल्ला थक जाता है। खुद को फिर से अविष्कार करने और किसी सपने को हासिल करने के लिए संघर्ष करने में कभी देर नहीं होती। सपनों की कोई समाप्ति तिथि नहीं होती बस चलते रहो।
48 मिनट में 1.9 किमी की तैयारी पूरी की
मीरामार (गोवा) समुद्रतट पर तैराकी शुरू हुई। अपने नए चश्मे पर फोगिंग होने के बावजूद उन्होंने 48 मिनट के भीतर 1.9 किमी की तैराकी पूरी की। सर्वेश ने 90 किमी साइकिलिंग के बाइक कोर्स को ट्रायथलॉन का सबसे अच्छा हिस्सा बताया। 3-लैप बाइक कोर्स राष्ट्रीय राजमार्ग-66 पर सुंदर मांडोवी नदी के किनारे मीरामार सर्कल से शुरू हुआ, जहां अगासियम गांव के दोनों ओर चढ़ाई, आश्चर्यजनक परिदृश्य और हरी-भरी हरियाली काफी आकर्षक थी। रन कोर्स की ऊंचाई 250 मीटर थी और यह गोवा की गर्म और आर्द्र जलवायु में 3-लैप कोर्स था।
उनका कहना है कि जिंदगी उतार-चढ़ाव का रास्ता है और यह आपके सामने हर तरह की परिस्थितियां और चुनौतियां लाती है, लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि उन परिस्थितियों को कुछ खास बनाया जाए। इससे पहले,उन्होंने कई उपलब्धियां हासिल की हैं। पिछले तीन वर्षों में उन्होंने अनेक हाफ और फुल मैराथन पूरी की हैं। आईआरएसएस अधिकारी होने के कारण कार्यालय के फाइलों में लगे रहने बावजूद वह अपने फिटनेस पर पूरा ध्यान देते हैं।
क्या है यह ट्रायथलॉन
इस अंतर्राष्ट्रीय ट्रायथलॉन को बिना ब्रेक के 8.30 घंटे के भीतर पूरा करने वाली सबसे कठिन सहनशक्ति चुनौती में से एक माना जाता है। इस आयोजन में 1.9 किमी तैराकी कोर्स, 90 किलोमीटर साइकिलिंग कोर्स और 21.1 किमी रन कोर्स शामिल है। प्रत्येक कोर्स का अपना कट-ऑफ टाइम होता है। यदि कोई आवंटित कट-ऑफ समय के भीतर दिए गए कोर्स को पूरा नहीं करता है तो प्रतिभागी को अयोग्य घोषित कर दिया जाता है।