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हाईकोर्ट : बर्खास्त कर्मचारी की बहाली नहीं, हाईकोर्ट ने मंडलायुक्त के खिलाफ जारी किया अवमानना नोटिस
Mon, 25 Sep 2023 03:05 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 25 Sep 2023 03:05 PM IST
सार
यह आदेश न्यायमूर्ति शैलेंद्र क्षितिज ने बर्खास्त लैब टैक्निशियन देवेंद्र प्रताप सिंह की ओर से दाखिल अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याची के अधिवक्ता गौरव बिशेन ने बताया कि याची की नियुक्ति अभियांत्रिकी एवं ग्रामीण प्रौद्योगिकी संस्थान (आई ई आर टी) प्रयागराज में वर्ष 2005 में लैब टेक्निशियन के पद पर हुई थी।
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(सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अभियांत्रिकी एवं ग्रामीण प्रौद्योगिकी संस्थान (आई ई आर टी) के बर्खास्त लैब टैक्निशियन को बहाल न करने पर प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और आई ई आर टी के निदेशक डाॅ विमल मिश्रा के विरूद्ध अवमानना नोटिस जारी किया है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति शैलेंद्र क्षितिज ने बर्खास्त लैब टैक्निशियन देवेंद्र प्रताप सिंह की ओर से दाखिल अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। याची के अधिवक्ता गौरव बिशेन ने बताया कि याची की नियुक्ति अभियांत्रिकी एवं ग्रामीण प्रौद्योगिकी संस्थान (आई ई आर टी) प्रयागराज में वर्ष 2005 में लैब टेक्निशियन के पद पर हुई थी।
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याची की सेवाएं भी नियमित हो चुकी थी। वर्ष 2020 में बिना कारण उसें बर्खास्त कर दिया गया, जिसकाे याची ने हाईकोर्ट में चुनौती दिया था। कोर्ट ने बर्खास्तगी आदेश पर स्थगन आदेश पारित किया था। स्थगन आदेश की प्रति प्राप्त होने के बावजूद उसे बहाल नहीं किया गया।
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याची ने विपक्षियों द्वारा कोर्ट के आदेश की अवहेलना के खिलाफ अवमानना याचिका दाखिल की, जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और आई ई आर टी के निदेशक डाॅ विमल मिश्रा के विरूद्ध अवमानना नोटिस जारी करते हुए छह हफ्ते में आदेश का अनुपालन करते हुए अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अवधि में आदेश का अनुपालन करने और हलफनामा दाखिल करने में विफल रहने पर दोनों अधिकारियों को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होना होगा।