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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   No more piles of trash on trains; NCR has developed a dustbin with 20 times the capacity.

रेलवे : ट्रेनों में नहीं लगेगा कूड़े का अंबार, एनसीआर ने तैयार किया 20 गुना ज्यादा क्षमता वाला डस्टबिन

Fri, 04 Sep 2026 03:33 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 04 Sep 2026 03:33 PM IST
सार

उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के वैगन मरम्मत कारखाना के इंजीनियरों ने एक हाई-कैपेसिटी संशोधित कचरा निपटान प्रणाली का सफल प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है। इससे कचरा रखने की क्षमता सीधे 20 गुना बढ़ जाएगी।

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No more piles of trash on trains; NCR has developed a dustbin with 20 times the capacity.
उत्तर मध्य रेलवे के वैगन मरम्मत कारखाने के इंजीनियरों द्वारा तैयार किया उच्च क्षमता का डस्टबिन। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के वैगन मरम्मत कारखाना के इंजीनियरों ने एक हाई-कैपेसिटी संशोधित कचरा निपटान प्रणाली का सफल प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है। इससे कचरा रखने की क्षमता सीधे 20 गुना बढ़ जाएगी। प्रोटोटाइप को आरडीएसओ के निरीक्षण के लिए भेजा गया है और अनुमति मिलते ही इसे लागू कर दिया जागा।

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इसके लागू होने से ट्रेन के डिब्बों में कचरे का अंबार नहीं लगेगा। अभी तक एलएचबी कोचों में महज 15 से 20 लीटर क्षमता वाले दो ही डस्टबिन होते थे, जो जरा सी यात्रा में लबालब भर जाते थे और केबिन में बदबू व गंदगी का कारण बनते थे। इस मुसीबत से निजात पाने के लिए एनसीआर के वैगन मरम्मत कारखाना झांसी के इंजीनियरों ने एक हाई-कैपेसिटी संशोधित कचरा निपटान प्रणाली का सफल प्रोटोटाइप तैयार कर लिया है, जिससे कचरा रखने की क्षमता सीधे 20 गुना बढ़कर लगभग 367 लीटर पहुंच जाएगी।
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इस अनोखी गुरुत्वाकर्षण प्रणाली में कोच के फर्श पर एक शानदार गारबेज ड्रॉप बॉक्स लगाया गया है, जो सेंट्रल कनेक्टर के जरिये सीधे ट्रेन के अंडरगियर में बने स्टेनलेस स्टील के भारी-भरकम गारबेज कलेक्टर टैंक से जुड़ा है। यात्री जैसे ही कचरा डालेंगे, वह बिना किसी रुकावट के सीधे नीचे वाले टैंक में चला जाएगा।
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टैंक के खास टेपर डिजाइन की बदौलत गंतव्य या डिपो पर इसे चुटकियों में खाली भी किया जा सकेगा। फिलहाल इस प्रोटोटाइप को आरडीएसओ (अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन) के पास निरीक्षण के लिए भेज दिया गया है, और हरी झंडी मिलते ही यह तकनीक देश भर की पटरियों पर दौड़ने वाले एलएचबी कोचों में क्रांति ला देगी।


एलएचबी कोचों की कचरा भंडारण क्षमता 18 लीटर से सीधे 367.4 लीटर यानी 20 गुना से भी अधिक हो जाएगी है। आरडीएसओ की हरी झंडी मिलते ही इस अभिनव प्रणाली को भारतीय रेल के तमाम एलएचबी कोचों में व्यापक स्तर पर लागू कर दिया जाएगा। - डाॅ. शिवम शर्मा, सीपीआरओ, एनसीआर

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