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Prayagraj News: चालीस साल से नहीं हो रही थी सुनवाई, अब गांव दौड़े अधिकारी
Fri, 17 Jul 2026 01:33 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Fri, 17 Jul 2026 01:33 AM IST
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मीरगंज। खमरिया सानी गांव निवासी लाल सिंह ने जब आत्मदाह की कोशिश की तो चालीस साल पुराने मामले में सिस्टम की नींद टूटी। प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। घटना के बाद उपजिलाधिकारी निधि शुक्ला के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम गांव पहुंची और रास्ते के विवाद की जांच की।
जांच के दौरान अफसरों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर उनके दावे सुने। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर रास्ते की स्थिति और उपलब्ध अभिलेखों की भी जांच की। लाल सिंह का आरोप है कि उन्हें उनके रास्ते का अधिकार नहीं दिया जा रहा है। राम प्रकाश और चंद्रपाल उनके घर के रास्ते पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने रास्ते में लकड़ियां और भैंस बांधकर आवागमन बाधित कर दिया है। जबकि भूपराम का कहना है कि लाल सिंह के मकान तक पहले से ही दो रास्ते मौजूद हैं और मामला सिविल न्यायालय में विचाराधीन है।
अधिकारियों ने दोनों पक्षों को शांत रहने की सलाह देते हुए आश्वासन दिया कि राजस्व अभिलेखों और न्यायालय में लंबित वाद के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा कि जांच रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई जाएगी।
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उपजिलाधिकारी निधि शुक्ला ने बताया मामला सिविल न्यायालय में विचाराधीन है और लाल सिंह के घर जाने के लिए दो रास्ते मौजूद हैं। दोनों पक्षों के मकान बने हैं और 40 साल से रास्ता चल रहा है। आबादी क्षेत्र एवं सिविल न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के कारण तहसील प्रशासन फिलहाल हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।
प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई
राजस्व अधिकारी मौके पर जाकर जांच और वैधानिक कार्रवाई कर रहे हैं। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। स्थानीय पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पांच मई को कार्रवाई की थी। यह कार्रवाई दोनों पक्षों के विरुद्ध धारा 126/135 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक थी।
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जांच के दौरान अफसरों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर उनके दावे सुने। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर रास्ते की स्थिति और उपलब्ध अभिलेखों की भी जांच की। लाल सिंह का आरोप है कि उन्हें उनके रास्ते का अधिकार नहीं दिया जा रहा है। राम प्रकाश और चंद्रपाल उनके घर के रास्ते पर कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने रास्ते में लकड़ियां और भैंस बांधकर आवागमन बाधित कर दिया है। जबकि भूपराम का कहना है कि लाल सिंह के मकान तक पहले से ही दो रास्ते मौजूद हैं और मामला सिविल न्यायालय में विचाराधीन है।
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अधिकारियों ने दोनों पक्षों को शांत रहने की सलाह देते हुए आश्वासन दिया कि राजस्व अभिलेखों और न्यायालय में लंबित वाद के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने कहा कि जांच रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई जाएगी।
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उपजिलाधिकारी निधि शुक्ला ने बताया मामला सिविल न्यायालय में विचाराधीन है और लाल सिंह के घर जाने के लिए दो रास्ते मौजूद हैं। दोनों पक्षों के मकान बने हैं और 40 साल से रास्ता चल रहा है। आबादी क्षेत्र एवं सिविल न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के कारण तहसील प्रशासन फिलहाल हस्तक्षेप नहीं कर सकता है।
प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई
राजस्व अधिकारी मौके पर जाकर जांच और वैधानिक कार्रवाई कर रहे हैं। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। स्थानीय पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पांच मई को कार्रवाई की थी। यह कार्रवाई दोनों पक्षों के विरुद्ध धारा 126/135 बीएनएसएस के तहत निरोधात्मक थी।