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कुंभ में साधु-संतों-भक्तों को मिलेगी निर्मल गंगा
इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 07 Feb 2018 11:41 PM IST
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nitin gadkari
- फोटो : अमर उजाला
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कुंभ से पहले त्रिवेणी संगम में साधु-संतों, श्रद्धालुओं को डुबकी लगाने के लिए निर्मल गंगा की धारा मिलेगी। इस अवधि तक गंगा में गिरने वाले नालों पर ईटीपी लग जाएंगे। 80 फीसदी गंगा स्वच्छ हो जाएगी। हरिद्वार से गंगासागर तक गंगा किनारे हरित पट्टी के विकास के साथ ही पर्यटन -तीर्थाटन को बढ़ावा देने और घाटों को संवारने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये की परियोजना बनाई गई है। यह काम सरकार के पैसे से नहीं, बल्कि जन सहयोग के बल पर किया जाएगा। यह जानकारी बुधवार को सड़क परिवहन, राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने दी।
परेड ग्राउंड पर संगमनगरी के विकास की परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद गडकरी ने गंगा निर्मलीकरण के लिए व्यापक कार्ययोजना के अहम पहलुओं को विस्तार से रेखांकित किया। बताया कि कुंभ से पहले प्रयाग में गंगा की निर्मल धारा देने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि गंगा के तटीय शहरों, तीर्थ स्थलों में पर्यटन और तीर्थाटन के विकास के लिए बड़े कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए प्रयाग, काशी, हरिद्वार, ऋषिकेश समेत अन्य शहरोें में गंगा तटों पर धर्मशालाओं के निर्माण कराए जाएंगे।
ताकि तीर्थयात्रियों को ठहरने में सुगमता हो सके। गंगा को प्रदूषित करने वाले देश के 10 शहरों में इलाहाबाद भी शामिल है। गंगा निर्मलीकरण के लिए परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। सहायक नदियों और नालों पर ईटीपी, एसटीपी लगाने का भी काम जल्द आरंभ होगा। विशेष तकनीक से अवजल शोधित किया जाएगा। मार्च 2019 तक 80-9- फीसदी गंगा की निर्मल धारा प्रयाग में बहने लगेगी।
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हरिद्वार से प्रयाग तक की जिम्मेदारी तय
इलाहाबाद। केंद्रीय जल संसाधन गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि गंगा निर्मलीकरण के लिए देश ही नहीं, दुनिया भर के उद्यमी और कारपोरेट आगे आए हैं। हाल में ही लंदन में वहां के उद्यमियों के साथ हुई बैठक में गंगा के तटीय विकास और संरक्षण-संवर्धन की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई है। गडकरी ने बताया कि हरिद्वार और ऋषिकेश के गंगा तटों के विकास और सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी हिंदुजा ग्रुप ने उठाई है। कानपुर में गंगा तटों का विकास लंदन में रहने वाले एनआरआई उद्यमी रवि मल्होत्रा करेंगे। काशी के गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण का जिम्मा भी एक बड़े कारपोरेट घराने ने उठाया है। प्रयाग के लिए महर्षि महेश योगी संस्थान के लोगों ने संपर्क साधा है। इनके अलावा योग गुरु बाबा रामदेव, आर्ट ऑफ लीविंग के प्रणेता श्री श्री रविशंकर के अलावा अन्य आध्यात्मिक गुरुओं ने दिलचस्पी दिखाई है। जल्द ही गंगा का कायाकल्प दिखने लगेगा। (ब्यूरो)
गंगा किनारे 10 करोड़ पौधों से होगा हरित पट्टी का विकास
इलाहाबाद। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गंगा किनारे हरित पट्टी के विकास की योजना को मूर्त रूप देने के लिए विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक, सामाजिक संगठनों और गंगा पर काम करने वाली संस्थाओं से सहयोग की अपील की। उन्होंने बताया कि हरिद्वार से बंगाल की खाड़ी के बीच गंगा किनारे हरित पट्टी का विकास होगा। इसके लिए 10करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। एक-एक पौधे का कंप्यूटर में डॉटा फीड किया जाएगा।
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परेड ग्राउंड पर संगमनगरी के विकास की परियोजनाओं की आधारशिला रखने के बाद गडकरी ने गंगा निर्मलीकरण के लिए व्यापक कार्ययोजना के अहम पहलुओं को विस्तार से रेखांकित किया। बताया कि कुंभ से पहले प्रयाग में गंगा की निर्मल धारा देने का प्रयास करेंगे। उन्होंने बताया कि गंगा के तटीय शहरों, तीर्थ स्थलों में पर्यटन और तीर्थाटन के विकास के लिए बड़े कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए प्रयाग, काशी, हरिद्वार, ऋषिकेश समेत अन्य शहरोें में गंगा तटों पर धर्मशालाओं के निर्माण कराए जाएंगे।
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ताकि तीर्थयात्रियों को ठहरने में सुगमता हो सके। गंगा को प्रदूषित करने वाले देश के 10 शहरों में इलाहाबाद भी शामिल है। गंगा निर्मलीकरण के लिए परियोजना पर काम शुरू हो चुका है। सहायक नदियों और नालों पर ईटीपी, एसटीपी लगाने का भी काम जल्द आरंभ होगा। विशेष तकनीक से अवजल शोधित किया जाएगा। मार्च 2019 तक 80-9- फीसदी गंगा की निर्मल धारा प्रयाग में बहने लगेगी।
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हरिद्वार से प्रयाग तक की जिम्मेदारी तय
इलाहाबाद। केंद्रीय जल संसाधन गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि गंगा निर्मलीकरण के लिए देश ही नहीं, दुनिया भर के उद्यमी और कारपोरेट आगे आए हैं। हाल में ही लंदन में वहां के उद्यमियों के साथ हुई बैठक में गंगा के तटीय विकास और संरक्षण-संवर्धन की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई है। गडकरी ने बताया कि हरिद्वार और ऋषिकेश के गंगा तटों के विकास और सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी हिंदुजा ग्रुप ने उठाई है। कानपुर में गंगा तटों का विकास लंदन में रहने वाले एनआरआई उद्यमी रवि मल्होत्रा करेंगे। काशी के गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण का जिम्मा भी एक बड़े कारपोरेट घराने ने उठाया है। प्रयाग के लिए महर्षि महेश योगी संस्थान के लोगों ने संपर्क साधा है। इनके अलावा योग गुरु बाबा रामदेव, आर्ट ऑफ लीविंग के प्रणेता श्री श्री रविशंकर के अलावा अन्य आध्यात्मिक गुरुओं ने दिलचस्पी दिखाई है। जल्द ही गंगा का कायाकल्प दिखने लगेगा। (ब्यूरो)
गंगा किनारे 10 करोड़ पौधों से होगा हरित पट्टी का विकास
इलाहाबाद। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गंगा किनारे हरित पट्टी के विकास की योजना को मूर्त रूप देने के लिए विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक, सामाजिक संगठनों और गंगा पर काम करने वाली संस्थाओं से सहयोग की अपील की। उन्होंने बताया कि हरिद्वार से बंगाल की खाड़ी के बीच गंगा किनारे हरित पट्टी का विकास होगा। इसके लिए 10करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। एक-एक पौधे का कंप्यूटर में डॉटा फीड किया जाएगा।