Nikay Chunav 2023 : अतीक के नाम पर बोलने से कतराए, लेकिन तल्खी ने जाहिर की मुस्लिम मतदाताओं की नाराजगी
निकाय चुनाव को लेकर इस बार प्रयागराज दो मुद्दों से खासा चर्चा में माना गया था। इनमें से एक हाल ही में हुआ अतीक-अशरफ हत्याकांड भी रहा। माना जा रहा था कि कम से अतीक के गढ़ में तो यह घटनाक्रम चुनाव को जरूर प्रभावित करेगा।
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निकाय चुनाव को लेकर इस बार प्रयागराज दो मुद्दों से खासा चर्चा में माना गया था। इनमें से एक हाल ही में हुआ अतीक-अशरफ हत्याकांड भी रहा। माना जा रहा था कि कम से अतीक के गढ़ में तो यह घटनाक्रम चुनाव को जरूर प्रभावित करेगा। वोटिंग के दौरान बृहस्पतिवार को जब मतदाताओं से इस संबंध में बात की गई तो वह अतीक के नाम पर कुछ बोलने से कतराते रहे। हालांकि उनके चेहरों की तल्खी ने बता दिया कि घटना को लेकर कहीं न कहीं नाराजगी जरूर है।
अतीक के चकिया स्थित पैतृक मकान के ठीक सामने अलहमरा फारुखी गर्ल्स इंटर कॉलेज स्थित है। यह वार्ड नंबर 44 के लिए मतदान केंद्र बनाया गया था। वोटिंग के लिए आने वाले हर शख्स की नजर ठीक सामने स्थित माफिया के मकान के मलबे पर जरूर पड़ रही थी। चकिया निवासी सरवर अली यहां वोट डालकर निकले तो हमने उनसे पूछा कि किस मुद्दे पर वोट डाला। इस पर उनका जवाब था कि पार्षदी का चुनाव संबंधों का भी चुनाव होता है, ऐसे में कई बार प्रत्याशी इसी सोच के साथ चुना जाता है। जब उनसे हालिया घटनाक्रम को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने साफ इंकार किया कि उन्हें ऐसा नहीं लगता।
हालांकि इसके बाद उनके चेहरे पर तल्खी जरूर दिखी। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जो नगर निगम के चुनाव भी इतनी खामोशी से गुजर गए। ऐसा पहले कभी नहीं देखा। कुछ ऐसी ही बातें चकिया के ही रहने वाले खालिद ने भी कहीं। उन्होंने कहा कि अतीक अहमद का नाम लिए बगैर कहा कि देखिए इस चुनाव में मुद्दा विकास ही होता है और उन्होंने इसी मुद्दे पर वोट किया। हालांकि उन्हाेंने यह भी कहा कि कानून व्यवस्था सरकार की जिम्मेदारी है और हर सरकार को इस पर खरा उतरना ही चाहिए।
अतीक के घर के सामने स्थित मतदान केंद्र पर नाटे तिराहे के पास रहने वाले जाकिर भी वोट डालने पहुंचे। बताया कि सड़कें टूटी हुई हैं, विकास के नाम पर सिर्फ ठगे गए। वोट उसी को किया जिसमें कूबत दिखती है कि वह लोगों की दिक्कतों को समझे। अतीक की हत्या मुद्दा होने के सवाल पर तो उन्होंने साफ इंकार किया। हालांकि कुछ देर बाद कहा कि मुद्दे से इतर यह बात तो है ही कि सजा देने का हक सिर्फ और सिर्फ कानून को है। कानून तोड़ने की आजादी किसी को नहीं होनी चाहिए।
इसी के कुछ देर बाद वहां नूर खान व उनकी पत्नी हुमा भी वोट देने के लिए पहुंचीं। वोट देकर निकलते वक्त दोनों ने अतीक के सवाल पर कहा कि इस पर वह कुछ नहीं कह सकते। हालांकि उनका यह जरूर कहना था कि संविधान सबसे ऊपर है और देश या समाज संविधान के हिसाब से ही चलना चाहिए।
सुबह से ही मौजूद रही पीआरवी, रिकॉर्डिंग की चर्चा
खास बात यह रही कि अतीक के घर के परिसर में सुबह से ही पीआरवी की गाड़ी तैनात रही। गाड़ी ठीक अलहमरा मतदान केंद्र के सामने खड़ी की गई थी। डायल 112 की 93 नंबर टीम यहां मयवाहन मुस्तैद की गई थी। चर्चा यह भी रही कि गाड़ी में लगे सर्विलांस कैमरों से लगातार मतदान केंद्र व उसके आसपास की गतिविधियों की निगरानी की जाती रही। दरअसल डायल 112 की गाड़ियां सर्विलांस कैमरों से लैस हैं और इन कैमरों से रिकॉर्डिंग की भी सुविधा है। इसके अलावा इंटरनेट से कनेक्ट करके इन कैमरों से मिलने वाली लाइव फीड की निगरानी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर(आईट्रिपलसी) से भी की जा सकती है।
सायरन बजाते दौड़ती रहीं पुलिस की गाड़ियां
चकिया मोहल्ले में लगातार पुलिस की गाड़ियां सायरन बजाते दौड़ती रहीं। पुलिसकर्मी इस बात पर विशेष जोर देते रहे कि मतदान केंद्र के आसपास भीड़ न इकट्ठा न हो। इसके अलावा सादे कपड़ों में एसओजी के जवान भी इलाके में निगरानी करते नजर आए।