Nikay Chunav 2023 : भाजपा-सपा में कांटे की टक्कर, कमल का हर जगह साइकिल ने किया पीछा
एक तिहाई से भी कम वोटिंग के बीच प्रयागराज नगर निगम का महापौर कौन बनेगा, इसे लेकर कयास लगने शुरू हो गए हैं। सत्ताधारी भाजपा जहां दोबारा कुर्सी कब्जाने की जुगत में है तो सपा भी खुद को किसी से कम नहीं आंक रही।
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एक तिहाई से भी कम वोटिंग के बीच प्रयागराज नगर निगम का महापौर कौन बनेगा, इसे लेकर कयास लगने शुरू हो गए हैं। सत्ताधारी भाजपा जहां दोबारा कुर्सी कब्जाने की जुगत में है तो सपा भी खुद को किसी से कम नहीं आंक रही। दावेदारी बसपा और कांग्रेस की भी जोरदार है। इस प्रतिष्ठापरक पद के लिए 21 प्रत्याशियों के भाग्य मतपेटियों में बंद भी हो चुके हैं। हालांकि, बृहस्पतिवार को विधानसभावार मतदान के रुझानों से यह कयास लगाया जा रहा है कि भाजपा और सपा के बीच ही कांटे की टक्कर रही है।
निवर्तमान महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी का टिकट काटे जाने से कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी बेहद नाराज हैं। मुख्यमंत्री के आगे भी सार्वजनिक मंच पर कुछ ऐसा दिख चुका है। बावजूद इसके बृहस्पतिवार को भाजपा के गढ़ शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में कमल खिलता दिखाई दिया। बागी स्वरों के बावजूद भाजपा के पक्ष में उत्साह नजर आया। नंदी के घर के सामने ही भाजपा के तीन काउंटर लगे और भीड़ भी खूब रही।
चुनाव में कानून व्यवस्था भी बना मुद्दा
मुट्ठीगंज में केपी इंटर कॉलेज के बूथ के बाहर मिले इंद्रभूषण पाठक कहते हैं कि यहां किसी बागी और बगावत का जोर नहीं चलने वाला है। भाजपा को कोई छू नहीं सकेगा। वहीं, मुट्ठीगंज में आर्य कन्या इंटर कॉलेज के बूथ पर शनि केसरवानी दावा करते हैं कि भाजपा से किसी की लड़ाई नहीं है। गणेश केशरवानी जमीनी कार्यकर्ता हैं, उन्हें सबने पसंद किया है। हालांकि, वहीं राम बाबू सपा की तरफदारी करते नहीं थकते। कहते हैं, अजय श्रीवास्तव ठीक लड़े हैं। अभी नतीजे पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
शहर उत्तरी में बीएचएस के बूथ पर बंटी यादव कहते हैं कि दावा कोई भी करे, जीत भाजपा की ही होगी। भारत स्काउट गाइड के बूथ पर मिले निरंजन सिंह कहते हैं कि लड़ाई भाजपा-सपा के ही बीच है। इसी बूथ पर पहली बार वोट डालने आईं पिंकी तिवारी कहती हैं कि विकास और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भाजपा ही फिट है। उसी को वोट दिया है। वह कहती हैं, भाजपा-सपा में ही लड़ाई है। शहर पश्चिमी के करेली, करेलाबाग, सुल्तानपुर भावा के कुछ बूथों पर कांग्रेस और बसपा भी दौड़ी, लेकिन ज्यादातर बूथों पर कहीं कमल खिला, कहीं साइकिल चली।