Nikay Chuna 2023 : मिनी सदन में भी भाजपा ने हासिल किया पूर्ण बहुमत, 100 वार्डों में आधे से ज्यादा पर कब्जा
पिछले चुनाव के नतीजे से तुलना करें तो इस बार नगर निगम में भाजपा की ताकत बढ़ी है। वर्ष 2017 के निकाय चुनाव में भी भाजपा ने जीत हासिल की थी। तब अभिलाषा गुप्ता नंदी महापौर पद पर विजयी हुई थीं। उस समय नगर निगम के सदन में 22 पार्षद भाजपा के थे।
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नगर निगम के मिनी सदन में भाजपा ने इतिहास रच दिया है। अंतर्विरोधों के बावजूद यहां लगातार दूसरी बार कमल खिला है। इससे भी बढ़कर पहली बार निगम में पूर्ण बहुमत की शहर की सरकार बनी है। इस बार सौ वार्डों वाले नगर निगम के मिनी सदन में 56 पार्षद भाजपा के टिकट पर चुनकर आए हैं। इससे जहां विकास को रफ्तार मिलेगी वहीं, पार्टी की नीतियों के अनुरूप जनहित के बड़े फैसले भी आसनी से लिए जा सकेंगे।
पिछले चुनाव के नतीजे से तुलना करें तो इस बार नगर निगम में भाजपा की ताकत बढ़ी है। वर्ष 2017 के निकाय चुनाव में भी भाजपा ने जीत हासिल की थी। तब अभिलाषा गुप्ता नंदी महापौर पद पर विजयी हुई थीं। उस समय नगर निगम के सदन में 22 पार्षद भाजपा के थे। बाद में निर्दलियों के विलय से सदन में भाजपा पार्षदों की संख्या 35 हो गई थी, लेकिन बहुमत के आंकड़े पूरे न होने की कसक बनी रही। इस बार मतदान से दो दिन पहले लूकरगंज की चुनावी जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर की जनता से विशेष आग्रह किया था कि सौ वार्डों में बहुमत की सरकार बननी चाहिए।
अंतरकलह और बगावत के बावजूद मिली रिकॉर्ड जीत
मिनी सदन में बहुमत वाली सरकार की सीएम योगी की अपील जनता ने सुन ली। हालांकि अभिलाषा गुप्ता के अलावा कई बार से जीत दर्ज करते आ रहे पार्षदों के टिकट कटने से अंतरकलह का भी सामना पार्टी को करना पड़ा। सात से अधिक सीटों पर भाजपा के बागियों के मैदान में उतरने से स्थिति असहज हो गई। अंतत: मतदान से दो दिन पहले 27 नेताओं को पार्टी से निष्कासित कर कड़ा संदेश देने की कोशिश की गई। ऐसे में विरोधी दलों और खेमों को इसका फायदा मिलने के कयास लगाए जाते रहे। लेकिन, नतीजों ने सारी अटकलों पर विराम लगा दिया।
अब रणनीतिकार मान रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी के नाम, विकास और कानून व्यवस्था की दिशा में उठाए गए कदमों की वजह से पार्टी को नगर निगम में जबरदस्त जीत हासिल हुई। इस बार कई वार्डों में बागियों की वजह से पार्टी के मत प्रतिशत में गिरावट भी आई और कई वार्डों में हार का भी सामना करना पड़ा। अब इस जीत के मायने भी निकाले जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि इससे जहां संगठन में कई नेताओं का कद बढ़ सकता है।