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इविवि में नवनियुक्त कुलपति ने संभाला कार्यभार, शिक्षक भर्ती, छात्रसंघ और पढ़ाई को लेकर कहीं ये बातें......

Mon, 30 Nov 2020 10:14 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 30 Nov 2020 10:14 PM IST
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Newly appointed vice-chancellor took charge in the university
इलाहाबाद विश्वविद्यालय - फोटो : prayagraj
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  •  कुलपति का पद संभालते ही कसे कर्मचारियों-शिक्षकों के पेच

प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की नवनियुक्त कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने सोमवार को पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने कहा समय से आएं और दायित्व निवर्हन में सक्रिय रहें। कहा कि पहले हम सभी को समय का पाबंद होना होगा। खुद को एडहॉक पर मान कर काम करें, इससे बेहतर काम होगा। एडहॉक पर मानेंगे तो स्थाई के लिए सही दिशा में प्रयास होगा।


उन्होंने शिक्षकों कर्मचारियों को समय का पाबंद करने की बात कहकर इविवि में अर्से से चले आ रहे ठहराव को उन्होंने तोड़ने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के लगातार रिटायर होने से विवि के हर विभाग में शिक्षकों की कमी बनी है, उसे जल्द पूरी करने की कोशिश की जाएगी।
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इविवि के 133 वर्ष के इतिहास में पहली महिला कुलपति
 इविवि के कार्यवाहक कुलपति प्रो. आरआर तिवारी ने नवनियुक्त कुलपति को पदभार ग्रहण कराया। 2005 में इविवि को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद प्रो. संगीता श्रीवास्तव चौथी कुलपति हैं। इविवि के 133 वर्ष के इतिहास में पहली बार किसी महिला प्रोफेसर को कुलपति नियुक्त किया गया है। इविवि दरभंगा हॉल स्थित कुलपति कार्यालय में पद ग्रहण करने के बाद विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें बधाई दी।
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शिक्षकों से कहा विवि की उन्नति में आपकी भूमिका अहम
 पदभार ग्रहण करने के बाद उनसे मिलने पहुंचे शिक्षकों को बधाई देते हुए प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने कहा कि हमें मिलकर विश्वविद्यालय के पुराने गौरव को वापस दिलाना होगा। इसमें शिक्षकों की प्रमुख भूमिका होगी। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि जितनी उम्मीद आप सबको मुझसे है, वही उम्मीद मुझे भी आपसे है। सभी को मिलकर काम करना होगा। कोविड-19 के प्रकोप के बीच ही हमें विश्वविद्यालय को गति देनी होगी। इविवि के ऐतिहासिक दरभंगा हाल में कुलपति के पदभार ग्रहण करते समय विवि सभी संकाय अध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, रजिस्ट्रार प्रो. एनके शुक्ल, परीक्षा नियंत्रक प्रो. आरके सिंह , वित्त अधिकारी डॉ. सुनील कांत मिश्र सहित सभी अधिकारी, कर्मचारी एवं शिक्षक मौजूद रहे।इविवि में नए सिरे से होगा शिक्षक पदों का विज्ञापन, पहले दिन से ही शिक्षक भर्ती पर करेंगी काम



 शिक्षकों की भर्ती होने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय की एनआईआरएफ रैंकिंग में आएगा सुधार
 कुलपति का पद संभालने के बाद प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय की दशा एवं दिशा सुधारने के लिए सबसे पहले खाली शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पदों को भरना होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए वह मंगलवार को काम शुरू कर देंगी। उन्होंने बताया कि पहले विभागवार रोस्टर तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रोस्टर अल्फाबेट के अनुसार बनेगा। उन्होंने कहा कि पूर्व विज्ञापित शिक्षकों के पदों को अब नए सिरे से विज्ञापन जारी करना होगा। शिक्षक भर्ती को पूरा करने में एक से डेढ़ वर्ष लग सकते हैं। 




कुलपति ने बताया कि आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के आरक्षण को भी अब नए विज्ञापन में शामिल करना होगा। उन्होंने बताया कि विवि के कुछ विभागों में अधिकांश शिक्षक रिटायर हो गए हैं, वहां पढ़ाई ठप पड़ गई है। शिक्षक भर्ती नहीं होने से इलाहाबाद विश्वविद्यालय एनआईआरएफ की रैंकिंग में बहुत पीछे हो गया है। विवि के रिसर्च अच्छे जर्नल में प्रकाशित किया जाएगा, तो विवि की रैंकिंग में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के पद भरने के बाद छात्र एवं शिक्षक के अनुपात में सुधार आएगा, इसके बाद भी रैंकिंग सुधरेगी।



भरे जाएंगे तृतीय श्रेणी एवं एमटीएस के 400 पद
नवनियुक्त कुलपति ने कहा कि शिक्षकों के साथ इलाहाबाद विश्वविद्यालय में तृतीय श्रेणी एवं एमटीएस कर्मचारियों के चार सौ से अधिक पद खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए जल्द ही विभागवार जानकारी जुटाकर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उनका कहना था कि कर्मचारियों एवं एमटीएस के पद खाली होने से कई विभागों में काम ठप होने की नौबत आ जाती है।



इविवि में स्नातक पाठ्यक्रम चार वर्ष का होगा
कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप यूजीसी के दिशा निर्देश के बाद अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय में स्नातक कोर्स चार वर्ष का होगा।उन्होने बताया कि स्नातक स्तर पर अब एक अनिवार्य विषयों के अतिरिक्त एक विषय छात्रों की अभिरूचि के रखे जाएंगे। इससे छात्रों को आगे रोजगार के मौके मिलेंगे।  इलाहाबाद विश्वविद्यालय में इसके लिए पाठ्यक्रम तैयार किया जाएगा। उन्होंने नई शिक्षा नीति को फूलों का गुलदस्ता बताया। इसमें छात्रों के लिए मौके हैं। नई शिक्षा नीति से छात्रों के व्यक्तित्व का विकास होगा।



आने वाले समय में बदले रूप में दिखेगा विश्वविद्यालय, विवि नई वेबसाइट तैयार करेगा
इविवि आने वाले समय में एक नए रूप में दिखेगा। इसकी जैसी पहचान रही है वह उस रूप में नजर आएगा। पिछले दिनों लॉकडाउन के चलते शुरू की गई ऑनलाइन पढ़ाई में आए व्यवधान को दूर कर अब नए सिरे से विश्वविद्यालय ऑनलाइन क्लासेज के लिए वेबसाइट बनाएगा जिसमें शिक्षकों के नोट्स और उनके द्वारा पढ़ाए गए विषयों के वीडियो मौजूद रहेंगे। क्लॉ कडाउन के चलते सत्र में देरी को नियमित करने की कोशिश की जाएगी। इविवि की वेबसाइट की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इससे शिक्षक पाठ्य सामग्री को आसानी से वेबसाइट पर अपलोड कर सकेंगे। प्रशासन से बात करके यह निर्णय लिया जाएगा कि शिक्षण कार्य ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन इसके लिए संभावना तलाशी जाएगी।




पत्राचार पर पूर्व के निर्णय ही लागू होंगे
इविवि के अभिन्न अंग कहे जाने वाले पत्राचार संस्थान को पूर्व कुलपति प्रो. आरएल हांगलू ने बंद कर दिया था। इस बारे में सवाल पूछे जाने पर प्रो. श्रीवास्तव ने कहा कि इसपर पूर्व में निर्णय लिया जा चुका है। संस्थान के बारे में पूर्व में लिए गए निर्णय ही लागू होंगे। कर्मचारियों के बकाए का भुगतान किया जा रहा है, विवि में जो भी काम होता है वह यूजीसी एवं मंत्रालय के आदेश पर होते हैं। ऐसे में पूर्व के निर्णय में कोई बदलाव नहीं होगा।




छात्रसंघ एवं छात्रावास खोलने के मुद्दे पर बाद में निर्णय की बात कही
कुलपति से जब इविवि में छात्रसंघ और छात्रावासों को खोले जाने की बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस बारे में वह अधिकारियों एवं शिक्षकों से विचार करने के बाद ही कुछ कह सकती हैं। जो भी निर्णय होगा वह छात्र हित में होगा।
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