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Prayagraj News: नया कीर्तिमान... 44 दिनों में 22 करोड़ ने किया स्नान
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तीर्थराज प्रयाग में तीन जनवरी से आयोजित दिव्य-भव्य माघ मेला महाशिवरात्रि के अंतिम स्नान पर्व पर ऐतिहासिक बन गया। मेला प्रशासन का दावा है कि 44 दिनों में 22.10 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। महाकुंभ के बाद माघ मेला प्रदेश का सबसे बड़ा और सफल आयोजन माना जा रहा है। जिसमें इतनी संख्या में श्रद्धालु जुटे थे।
माघ मेले में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ कई देशों की आबादी से भी अधिक मानी जा रही है। धार्मिक और सांस्कृतिक एकता की इस अनूठी मिसाल ने देश-विदेश का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, महाशिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर इस रिकॉर्ड को अंतिम रूप दिया।
यूपी की आबादी के बराबर शहर पहुंचे स्नानार्थी
मेला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार 44 दिनों के माघ मेले में यूपी की आबादी के बराबर स्नानार्थियों ने संगम तीरे आस्था की डुबकी लगाई। जबकि देश की लगभग 16 प्रतिशत की आबादी के संगमनगरी में पहुंचने का दावा है।
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प्रमुख स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या
पौष पूर्णिमा : 31 लाख
मकर संक्रांति : 1.03 करोड़
मौनी अमावस्या : 4.52 करोड़
वसंत पंचमी : 3.56 करोड़
अचला सप्तमी : 2 करोड़
माघी पूर्णिमा : 2.10 करोड़
महाशिवरात्रि : 40 लाख
कुल स्थानार्थियों की संख्या : 22.10 करोड़ (मेला प्रशासन का दावा)
श्रद्धालुओं ने यादगार पल कैमरों में किया कैद
महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह दिखा। लोग संगम स्नान के बाद सेल्फी और फोटो खिंचाते दिखे। कई श्रद्धालुओं ने फोन से वीडियो कॉल के जरिये परिजनों को मां गंगा के दर्शन कराए। वहीं, श्रद्धालुओं की सुरक्षा में जल पुलिस, सुरक्षा बल और स्वयंसेवक सक्रिय नजर आए।
माघ मेला के मुख्य बिंदु -
- 44 दिन में 22.10 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी।
- सात सेक्टर में 800 हेक्टेयर में बसाया गया था माघ मेला।
- 3.69 किमी में फैले मेले में 24 से अधिक घाट बनाए गए थे।
- वाहनों के लिए 42 पार्किंग स्थल, नौ पांटून पुल के थे इंतजाम।
- मेला क्षेत्र में सात अस्थायी द्वार, चार पर्यटन सूचना केंद्र।
- वाटर स्पोर्ट्स व फ्लोटिंग रेस्टोरेंट।
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माघ मेले में जुटी श्रद्धालुओं की भीड़ कई देशों की आबादी से भी अधिक मानी जा रही है। धार्मिक और सांस्कृतिक एकता की इस अनूठी मिसाल ने देश-विदेश का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, महाशिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाकर इस रिकॉर्ड को अंतिम रूप दिया।
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यूपी की आबादी के बराबर शहर पहुंचे स्नानार्थी
मेला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार 44 दिनों के माघ मेले में यूपी की आबादी के बराबर स्नानार्थियों ने संगम तीरे आस्था की डुबकी लगाई। जबकि देश की लगभग 16 प्रतिशत की आबादी के संगमनगरी में पहुंचने का दावा है।
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प्रमुख स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या
पौष पूर्णिमा : 31 लाख
मकर संक्रांति : 1.03 करोड़
मौनी अमावस्या : 4.52 करोड़
वसंत पंचमी : 3.56 करोड़
अचला सप्तमी : 2 करोड़
माघी पूर्णिमा : 2.10 करोड़
महाशिवरात्रि : 40 लाख
कुल स्थानार्थियों की संख्या : 22.10 करोड़ (मेला प्रशासन का दावा)
श्रद्धालुओं ने यादगार पल कैमरों में किया कैद
महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह दिखा। लोग संगम स्नान के बाद सेल्फी और फोटो खिंचाते दिखे। कई श्रद्धालुओं ने फोन से वीडियो कॉल के जरिये परिजनों को मां गंगा के दर्शन कराए। वहीं, श्रद्धालुओं की सुरक्षा में जल पुलिस, सुरक्षा बल और स्वयंसेवक सक्रिय नजर आए।
माघ मेला के मुख्य बिंदु -
- 44 दिन में 22.10 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी।
- सात सेक्टर में 800 हेक्टेयर में बसाया गया था माघ मेला।
- 3.69 किमी में फैले मेले में 24 से अधिक घाट बनाए गए थे।
- वाहनों के लिए 42 पार्किंग स्थल, नौ पांटून पुल के थे इंतजाम।
- मेला क्षेत्र में सात अस्थायी द्वार, चार पर्यटन सूचना केंद्र।
- वाटर स्पोर्ट्स व फ्लोटिंग रेस्टोरेंट।