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नेहा का निलंबन वापस, पर हॉस्टल से निष्कासित
Sat, 22 Jun 2019 12:19 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 22 Jun 2019 12:19 AM IST
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नेहा यादव
- फोटो : अमर उजाला
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समाजवादी छात्रसभा की कार्यकर्ता एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की शोध छात्रा नेहा यादव का विश्वविद्यालय से निलंबन वापस ले लिया गया है लेकिन, हॉल ऑफ रजिडेंस (एचओआर) से उन्हें निष्कासित कर दिया गया है। साथ ही महिला परिसर में उनके प्रवेश को प्रतिबंधित करते हुए भविष्य में किसी भी महिला छात्रवास के लिए उन्होंने अपात्र घोषित कर दिया गया है। यह निर्णय शुक्रवार को हुई इविवि की अनुशासन समिति की बैठक में लिया गया।
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इसके अलावा यह भी तय हुआ कि अगर इविवि की संपत्ति को कोई छात्र नुकसान पहुंचाता है तो नुकसान का मूल्यांकन करते हुए भरपाई के लिए संबंधित छात्र से वसूली की जाएगी। साथ ही एक हजार रुपये का जुर्माना किया जाएगा। सामूहिक रूप से वसूली पर विचार के लिए भी कमेटी का गठन किया गया। वहीं, हॉस्टल वॉश आउट के विरोध में हुए आंदोलन का नेतृत्व करने पर कार्रवाई के लपेटे में आईं शोध छात्र नेहा यादव का निलंबन इस शर्त के साथ वापस लिया गया कि नेहा को उनके विभाग फूड एंड टेक्नोलॉजी को छोड़ कर अन्य किसी विभाग और इविवि के किसी परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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जरूरत पड़ने पर डिग्री, फेलोशिप, शुल्क आदि से संबंधित कार्यों के लिए किसी भी प्रशासनिक भवन में प्रवेश से पूर्व कुलानुशासन से लिखित तौर पर या दूरभाष पर अनुमति लेनी होगी। शोध छात्र को विभाग में दैनिक उपस्थित सुनिश्चित करनी होगी। हर पंद्रह दिन पर शोध कार्य संबंधी प्रमाणपत्र शोध निर्देश या केंद्र निदेशक की संस्तुति के साथ डीन साइंस को प्रेषित किया जाएगा और इसी सूचना डीएसडब्ल्यू एवं चीफ प्रॉक्टर को भी दी जाएगी। इस दौरान अगर नेहा अनुशासन तोड़ती हैं तो शोधार्थी के रूप में किया गया उनका प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा।
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पीसीबी मामले में हुई कार्रवाई पर मुहर
अनुशासन समिति में पीसीबी हॉस्टल में हुई पूर्व छात्र की हत्या के मामले में नामजद एवं आरोपी पांच छात्रों के खिलाफ की गई निष्कासन की कार्रवाई पर भी मुहर लगा दी। साथ ही विश्वविद्यालय एवं छात्रावास की संपत्तियों को क्षति पहुंचाने वाले छात्रों को संपत्ति के मूल्य के बराबर अर्थदंड की वसूली किए जाने सहित छात्रावास से निष्कासन किए जाने के निर्णय और इविवि एवं हॉस्टल परिसर में हत्या या अन्य गंभीर अपराधों में संलिप्त छात्रों का निष्कासन एवं पुनर्प्रवेश प्रतिबंधित किए जाने के निर्णय पर भी समिति ने मुहर लगाई।
पाठ्यक्रम बदलने वालों पर रहेगी नजर
एक पाठ्यक्रम पूरा किए बगैर दूसरे पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाले छात्रों पर भी अनुशासन समिति की नजर रहेगी। समिति को शिकायत मिली है कि अराजकता में सलिप्त जिन छात्रों पर कार्रवाई की जाएगी और उन्हें निलंबित किया जाता है, वे दूसरे पाठ्यक्रम में प्रवेश ले लेते हैं और इविवि में बने रहते हैं। यह भी तय हुआ कि इस तरह की गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए एक प्रस्ताव विद्वत परिषद में विचार के लिए रखा जाएगा।