{"_id":"5d17c3498ebc3e3c714623f7","slug":"neet-applicants-verification-allahabad-news-ald248145193","type":"story","status":"publish","title_hn":"रात दस बजे तक हुआ नीट अभ्यर्थियों का सत्यापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रात दस बजे तक हुआ नीट अभ्यर्थियों का सत्यापन
विज्ञापन
नीट: आखिरी दिन 526 का सत्यापन
नीट-यूपी का सत्यापन शनिवार को पूरा हो गया। आखिरी दिन रात करीब दस बजे तक एसआरएन के मेडिसिन केंद्र में अभ्यर्थियों का सत्यापन चलता रहा। काफी जटिल प्रक्रिया के बीच बुलाए गए छात्रों में से 526 ने प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियों की जांच कराई।
शनिवार को केंद्र में 14000 से ऊपर रैंक के छात्रों को सत्यापन के लिए बुलाया गया था। पहले कुल 620 अभ्यर्थियों ने टोकन लिया, जिनमें से 526 ने सत्यापन करवाया। इसके अलावा पिछले तीन दिनाें के सत्यापन कार्यों के बीच छूटे अभ्यर्थियों को भी मौका दिया गया, जिसमें से 62 अभ्यर्थी भी शामिल हुए। एसआरएन केंद्र पर सुबह आठ बजे से ही अभ्यर्थी जुटने शुरू हो गए थे। समन्वयक डॉ.आरबी कमल, डॉ.रतन लाल विश्वकर्मा एवं तकनीकी विशेषज्ञ प्रभाकर यादव की मौजूदगी में प्रक्रिया आरंभ हुई। सुबह दस बजे लॉगिन करना था, लेकिन तकनीकी अड़चनों के चलते सवा दस बजे काम शुरू हो सका। सबसे अधिक समस्या ईडब्लूएस प्रमाणपत्रों को जांचने में आई। तकनीकी अड़चनों के चलते रात दस बजे तक सत्यापन कार्य चलता रहा, हालांकि आखिरी तक सभी अभ्यर्थियों का सत्यापन पूरा कर लिया गया। अब मेडिकल कॉलेजों की रैंक तय होने के बाद छात्रों को उनके अनुसार कॉलेजों का आवंटन किया जाएगा।
विज्ञापन
नीट-यूपी का सत्यापन शनिवार को पूरा हो गया। आखिरी दिन रात करीब दस बजे तक एसआरएन के मेडिसिन केंद्र में अभ्यर्थियों का सत्यापन चलता रहा। काफी जटिल प्रक्रिया के बीच बुलाए गए छात्रों में से 526 ने प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियों की जांच कराई।
शनिवार को केंद्र में 14000 से ऊपर रैंक के छात्रों को सत्यापन के लिए बुलाया गया था। पहले कुल 620 अभ्यर्थियों ने टोकन लिया, जिनमें से 526 ने सत्यापन करवाया। इसके अलावा पिछले तीन दिनाें के सत्यापन कार्यों के बीच छूटे अभ्यर्थियों को भी मौका दिया गया, जिसमें से 62 अभ्यर्थी भी शामिल हुए। एसआरएन केंद्र पर सुबह आठ बजे से ही अभ्यर्थी जुटने शुरू हो गए थे। समन्वयक डॉ.आरबी कमल, डॉ.रतन लाल विश्वकर्मा एवं तकनीकी विशेषज्ञ प्रभाकर यादव की मौजूदगी में प्रक्रिया आरंभ हुई। सुबह दस बजे लॉगिन करना था, लेकिन तकनीकी अड़चनों के चलते सवा दस बजे काम शुरू हो सका। सबसे अधिक समस्या ईडब्लूएस प्रमाणपत्रों को जांचने में आई। तकनीकी अड़चनों के चलते रात दस बजे तक सत्यापन कार्य चलता रहा, हालांकि आखिरी तक सभी अभ्यर्थियों का सत्यापन पूरा कर लिया गया। अब मेडिकल कॉलेजों की रैंक तय होने के बाद छात्रों को उनके अनुसार कॉलेजों का आवंटन किया जाएगा।
विज्ञापन