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एनसीआर में शामिल होगा प्रयाग और रामबाग
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 08 Jun 2015 01:23 AM IST
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इलाहाबाद। इलाहाबाद शहर के सभी रेलवे स्टेशन जल्द ही उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) में शामिल हो जाएंगे। एनसीआर प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। जोन महाप्रबंधक की ओर से यह प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि वर्ष 2019 में लगने वाले कुंभ मेले के काफी पहले शहर के इलाहाबाद सिटी (रामबाग), प्रयाग, प्रयागघाट, झूंसी और फाफामऊ रेलवे स्टेशन का एनसीआर में विलय हो जाएगा।
वर्तमान में इलाहाबाद में पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर), उत्तर रेलवे (एनआर) और उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के स्टेशन हैं। उत्तर रेलवे के प्रयाग और एनईआर के रामबाग रेलवे स्टेशन से जंक्शन की तरफ आने वाली ट्रेनें अक्सर लेट हो जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि एनसीआर पहले अपने जोन की ट्रेनों को वरीयता देता है। इसके बाद प्लेटफार्म खाली होने पर अन्य जोनों की ओर से आने वाली ट्रेनों को स्थान मिलता है। उधर, हर छह साल में लगने वाले कुंभ मेले के दौरान भी तीनों जोन अलग-अलग तैयारी करते हैं।
इस वजह से तीर्थ यात्रियों एवं श्रृद्धालुओं को एक ही स्थान से ट्रेनों की जानकारी नहीं मिल पाती। इलाहाबाद में एनसीआर का हेडक्वार्टर होने की वजह से जिला प्रशासन के अफसर भी सिर्फ एनसीआर के अफसरों से ही तालमेल बिठा पाते हैं जबकि एनईआर और एनआर से जुड़ी जानकारी यात्रियों के साथ जिला प्रशासन को आधी अधूरी ही मिल पाती है। इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए अब शहर के सभी स्टेशनों को एनसीआर में शामिल करने की तैयारी की गई है। एनसीआर महाप्रबंधक महेश मंगल के अनुसार महापर्व कुंभ के मद्देनजर शहर में उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशनों के विलय संबंधी प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। बोर्ड स्तर पर इसमें मंथन चल रहा है। उम्मीद है कि ये सभी स्टेशन एनसीआर में शामिल हो जाएंगे।
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वर्तमान में इलाहाबाद में पूर्वोत्तर रेलवे (एनईआर), उत्तर रेलवे (एनआर) और उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के स्टेशन हैं। उत्तर रेलवे के प्रयाग और एनईआर के रामबाग रेलवे स्टेशन से जंक्शन की तरफ आने वाली ट्रेनें अक्सर लेट हो जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि एनसीआर पहले अपने जोन की ट्रेनों को वरीयता देता है। इसके बाद प्लेटफार्म खाली होने पर अन्य जोनों की ओर से आने वाली ट्रेनों को स्थान मिलता है। उधर, हर छह साल में लगने वाले कुंभ मेले के दौरान भी तीनों जोन अलग-अलग तैयारी करते हैं।
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इस वजह से तीर्थ यात्रियों एवं श्रृद्धालुओं को एक ही स्थान से ट्रेनों की जानकारी नहीं मिल पाती। इलाहाबाद में एनसीआर का हेडक्वार्टर होने की वजह से जिला प्रशासन के अफसर भी सिर्फ एनसीआर के अफसरों से ही तालमेल बिठा पाते हैं जबकि एनईआर और एनआर से जुड़ी जानकारी यात्रियों के साथ जिला प्रशासन को आधी अधूरी ही मिल पाती है। इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए अब शहर के सभी स्टेशनों को एनसीआर में शामिल करने की तैयारी की गई है। एनसीआर महाप्रबंधक महेश मंगल के अनुसार महापर्व कुंभ के मद्देनजर शहर में उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे के स्टेशनों के विलय संबंधी प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा गया है। बोर्ड स्तर पर इसमें मंथन चल रहा है। उम्मीद है कि ये सभी स्टेशन एनसीआर में शामिल हो जाएंगे।
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