NCR Railway : 98 वर्ष पहले देश में पहली बार चली थी इलेक्टि्रक इंजन लगी ट्रेन
देश में पहली बार विद्युत रेलगाड़ी 98 वर्ष पूर्व चली थी। तब इस ट्रेन का संचालन तीन फरवरी 1925 को मुंबई वीटी (छत्रपति शिवाजी टर्मिनल) और कुर्ला हार्बर के बीच हुआ था। ट्रेन तब 1500 वोल्ट डीसी पर चलाई गई थी।
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देश में पहली बार विद्युत रेलगाड़ी 98 वर्ष पूर्व चली थी। तब इस ट्रेन का संचालन तीन फरवरी 1925 को मुंबई वीटी (छत्रपति शिवाजी टर्मिनल) और कुर्ला हार्बर के बीच हुआ था। ट्रेन तब 1500 वोल्ट डीसी पर चलाई गई थी। इस दौरान तत्कालीन मुंंबई गर्वनर सर लेस्ली विल्सन ने झंडी दिखाकर रवाना किया था। ऐसी ही पुरानी यादें शुक्रवार को केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन (कोर) में साझा की गईं। मौका था देश में विद्युतीय ट्रैक्शन के 98 वर्ष पूरा हो जाने के अवसर पर हुई गोष्ठी का। जिसकी अध्यक्षता कोर महाप्रबंधक प्रदीप कुमार ने की
संगोष्ठी में भविष्य में आने वाले 2x25 केवी ट्रैक्शन प्रणाली पर विस्तृत चर्चा हुई। बताया गया कि स्वतंत्रता से पूर्व भारत में कुल 388 किमी डीसी ट्रैक्शन विद्युतीकृत था। इसके बाद वर्ष 1961 में अंतरराष्ट्रीय मानकों को ध्यान में रखते हुए 25 केवी एसी सिस्टम को देश में लाया गया। समय के साथ रेलवे विद्युतीकरण के अनेक कार्यों को आगे बढ़ाया गया। जरूरत महसूस हुई कि रेलवे विद्युतीकरण परियोजनाओं के लिए एक समर्पित संस्था बनाई जाए। फिर कोर अस्तित्व में आया। वर्तमान समय कोर प्रयागराज रेल विद्युतीकरण के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
गोष्ठी में बताया गया कि वर्ष 2014 से पूर्व रेल विद्युतीकरण के कार्यों पर विशेष जोर नहीं था। 2014 तक देश में 21801 किमी रेलमार्ग का ही विद्युतीकरण हो सका था, लेकिन उसके बाद इसमें तेजी आई। बीते 2014 से जनवरी 23 के मध्य 33 हजार किमी से ज्यादा का रेल विद्युतीकरण हो चुका है। फिलहाल 55622 किमी रेलमार्ग का अब तक विद्युतीकरण हो चुका है। कोर महाप्रबंधक प्रदीप कुमार ने बताया कि 100 विद्युतीकरण का कार्य दिसंबर 23 तक पूरा किया जाना है। इस दौरान बताया गया कि 2x25 के.वी नेटवर्क एक नई विद्युतीय ट्रैक्शन प्रणाली है जिसे रेलवे के अनेक विद्युतीकृत खंड में अपनाया जाएगा। इस अवसर पर उप मुख्य विद्युत इंजीनियर आकाश श्रीनेत्र ,मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी एस.के.द्विवेदी आदि मौजूद रहे।