Narendra Giri Case : गवाही से फिर गायब अमर गिरि, कोर्ट ने जारी किया गैर जमानती वारंट, 18 जनवरी को होगी सुनवाई
यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश आरपीएस राणा की अदालत ने जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि की ओर से दाखिल अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है। इससे पहले 11 दिसंबर 2023 को गैर जमानती वारंट होने पर गवाही से गायब चल रहे अमर गिरि को सीबीआई की हिरासत में पेश किया गया था।
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इलाहाबाद जिला न्यायालय ने अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और श्री मठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि की रहस्यम मौत मामले के वादी मुकदमा और गवाह अमर गिरि के खिलाफ फिर से गैर जमानती वारंट जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 18 जनवरी को होगी।
यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश आरपीएस राणा की अदालत ने जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि की ओर से दाखिल अर्जी को स्वीकार करते हुए दिया है। इससे पहले 11 दिसंबर 2023 को गैर जमानती वारंट होने पर गवाही से गायब चल रहे अमर गिरि को सीबीआई की हिरासत में पेश किया गया था।
अंडरटेकिंग भी दी थी कि वह गवाही के लिए नियत हर तारीख पर कोर्ट में हाजिर रहेगा। लेकिन, उस दिन के बाद से फिर से अमर गिरि नियत तारीखों पर गैर हाजिर है। अमर गिरि की ओर से दाखिल अंडरटेकिंग के आधार पर कोर्ट ने पहले जारी हुए गैर जमानती वारंट को वापस ले लिया था,जिसके बाद गवाही शुरू हुई थी। पूरा बयान दर्ज करने के लिए दो जनवरी की तारीख तय थी, लेकिन मंगलवार को फिर से वह गैर हाजिर रहा।
गौरतलब है कि 20 सितंबर 2021 को श्री मठ बाघंबरी गद्दी के अतिथि कक्ष में महंत नरेंद्र गिरि का शव फंदे कसने के बाद फर्श पर पाया गया था। इसकी एफआईआर जॉर्ज टाउन थाने में अमर गिरि ने दर्ज कराई थी। नरेंद्र गिरि के शिष्य आनंद गिरि समेत बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी इस मामले में आरोपी हैं। 22 सितंबर 2021 से आनंद गिरि चित्रकूट और दो अन्य आरोपी आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी नैनी सेंट्रल जेल में बंद हैं। आनंद गिरि समेत तीनों आरोपियों को अब तक जमानत नहीं मिली है।
वादी मुकदमा हैं अमर गिरि
जेल में रहने के दौरान ही 31 मार्च 2023 को जिला जज की अदालत ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में आरोप सृजित करने के साथ ही मामले का ट्रायल शुरू हो गया।
अमर गिरि मामले का वादी मुकदमा है। इसलिए सबसे पहले इसी की गवाही ही होनी है। लेकिन, वह लगतार गवाही देने से भाग रहा है। इससे पहले वह हाईकोर्ट में भी हलफनामा दाखिल कर कह चुका है कि उसने एफआईआर लिखाई ही नहीं है। हालांकि, अब मामला परीक्षण (ट्रायल) के स्तर पर है और वह फिर गवाही देने से बच रहा है। बरहाल कोर्ट ने फिर से गैर जमानती वारंट जारी कर गवाही के लिए 18 जनवरी की तारीख नियत की है।