राम मंदिर के सामने मस्जिद भी बनवाना चाहते थे नरसिम्हा राव: निश्चलानंद
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गोवर्धन पुरी पीठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने शुक्रवार को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर नया खुलासा किया। उन्होंने बताया कि नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्री रहते समय अगर रामालय ट्रस्ट पर उन्होंने हस्ताक्षर कर दिया होता, तो अब तक मंदिर के सामने मस्जिद भी बन गई होती। नरसिम्हा राव चाहते थे कि मंदिर और मस्जिद दोनों का अगल-बगल या फिर आमने-सामने निर्माण हो जाए। कहा कि कहा कि काशी और मथुरा पर अब कोई बात नहीं कर रहा है। क्योंकि लोगों को पता है कि इस पर बात हुई तो उत्तर प्रदेश में ही तीन पाकिस्तान बन जाएंगे।
शुक्रवार को नई झूंसी स्थित शिव गंगा आश्रम में पत्रकारों से बातचीत में स्वामी निश्चलानंद ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े मुद्दे पर खुलकर चर्चा की। स्वामी निश्चलानंद ने बताया कि नरसिम्हा राव केसमय तीन शंकराचार्यों और वैष्णवाचार्यों ने रामालय ट्रस्ट पर हस्ताक्षर कर दिया था, लेकिन पुरी के शंकराचार्य की असहमति की वजह से उन्हें पीछे हटना पड़ा था। अयोध्या में हाल में राम मंदिर के शिलान्यास में न आने के सवाल पर पुरी शंकराचार्य ने कहा कि भूमि पूजन में किसको शामिल होना था, यह सभी जानते हैं।