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जजों ने पूछा हाल, कैदियों ने बताई समस्या

Wed, 29 Mar 2017 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद Updated Wed, 29 Mar 2017 01:05 AM IST
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naini jail allahabad
इलाहाबाद
नैनी सेंट्रल जेल में मंगलवार को हाईकोर्ट के प्रशासनिक जज, जिला जज और सीजेएम के साथ निरीक्षण करने पहुंचे तो कैदियों ने परेशानियों का पिटारा खोल दिया। जजों ने बैरकों में जाकर कैदियों की समस्याएं सुनीं। महिला कैदियों की भी व्यथा सुनी गई। हाईकोर्ट के जजों ने डिस्ट्रिक कोर्ट के जजों की टीम गठित कर हर सप्ताह जेल में कैदियों की समस्याओं की रिपोर्ट मांगी है। विधिक सहायता सेल का जेल के अंदर बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिया है।
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मंगलवार दोपहर में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता और न्यायमूर्ति रेखा दीक्षित, जिला जज एसके पचौरी और सीजेएम रेशमा प्रवीण के साथ नैनी जेल पहुंचे। जजों की टीम के साथ एडीएम महेंद्र कुमार और एसपी यमुनापार अशोक राय भी थे। जजों की टीम जेल में करीब दो घंटा रही। इस दौरान जजों ने कैदियों से समस्याओं की बाबत जानकारी ली। कई कैदियों ने आरोप लगाया कि जमानत होने के बाद भी उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा है तो कई कैदियों ने आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से पैरवी न हो पाने की बात बताई। इसके अलावा कई कैदियों ने उपचार में लापरवाही की बात बताई।
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जिसे गंभीरता से लेते हुए जजों ने जेल प्रशासन को बीमार कैदियों के उचित उपचार का निर्देश दिया। इसके अलावा महिला कैदियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। जजों ने निर्देश दिए कि जेल के अंदर विधिक सहायता सेल का बोर्ड लगाया जाय ताकि गरीब बंदियों को भी कानून और उनके हक की जानकारी हो सके। इसके अलावा पैरोकार न होने की वजह से जमानत नहीं ले पा रहे गरीब कैदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से वकील मुहैया कराने जाने के भी निर्देश दिए गए हैं। एसपी यमुनपार अशोक राय ने बताया कि डिस्ट्रिक कोर्ट के जजों की टीम बनाकर कैदियों की समस्याओं को लेकर साप्ताहिक रिपोर्ट हाईकोर्ट के जजों ने मांगी है।
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सभी महिला कैदियों को साक्षर बनाने के निर्देश
जजों की टीम ने महिला कैदियों का हाल चाल जानने के बाद निर्देश दिया कि सभी महिला कैदियों को साक्षर बनाने की मुहिम चलाई जाय। इसके साथ ही उन्हें स्वावलंबी बनाने के लिए सिलाई, कढ़ाई और दस्तकारी आदि चीजें सिखाई जाएं।

अतीक ने मिलने के लिए की गुजारिश
जेल में बंद अतीक अहमद ने भी टीम से मिलने की कोशिश की थी लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका। दरअसल जिस बैरक में अतीक बंद हैं, वहां जजों की टीम नहीं पहुंची।
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