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मूल्यांकित भवनों का 12.5 प्रतिशत जलकर वसूलेगा नगर निगम प्रयागराज
Tue, 08 Jun 2021 12:39 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 08 Jun 2021 12:39 AM IST
सार
- लागू होने से पहले ही प्रस्तावित नए स्लैब रेट का शुरू हुआ विरोध
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पानी
- फोटो : getty
विस्तार
प्रस्तावित नए स्लैब रेट के आधार पर अब शहर के लोगों को मूल्यांकित भवनों का 12.5 प्रतिशत जलकर के रूप में अदा करना होगा। सात अलग अलग दरों पर प्रस्तावित स्लैब रेट में से लंबे मंथन के बाद इस पर सहमति बनाई गई है। हालांकि इस नए स्लैब रेट के लागू होने से पहले ही इसका विरोध भी शुरू हो गया है। कुछ पार्षदों का कहना है कि जिस स्लैब रेट से गरीबों और आम लोगों को फायदा होना था, उसे लिया ही नहीं गया है।
अलग-अलग श्रेणियों में मूल्यांकित भवनों क आधार पर जलकर का निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए गठित तीन सदस्यीय समिति के निर्णय के बाद महाप्रबंधक जलकल हरिश्चंद्र वाल्मीकि ने बताया कि वर्ष 2020-21 के जलमूल्य से प्राप्त आय 45:31 करोड़ रुपये की बजाय वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट में जलमूल्य के लिए अनुमानित आय 36.58 करोड़ ही रखने का प्रस्ताव किया गया है।
इसके आधार पर नए स्लैब रेट में मूल्यांकित भवनों का 12.5 प्रतिशत जलकर लिए जाने का प्रस्ताव किया गया है। इस प्रस्ताव को जल्द ही लागू किए जाने की उम्मीद है। उधर, नगर निगम कार्यकारिणी समिति के सदस्य पार्षद अशोक कुमार सिंह ने नए स्लैब रेट को जनविरोधी करार दिया है। उनका कहना है कि पांच जून कोो ही स्लैब संख्या सात को लागू करने की सहमति बन गई थी, लेकिन महाप्रबंधक ने एक ही दिन बाद अवकाश के दिन कमेटी की बैठक बुलाकर उस निर्णय को पलट दिया और स्लैब संख्या -तीन लागू करने का प्रस्ताव पारित करवा दिया है। इस स्लैब रेट से गरीबों का भला नहीं होगा।
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गृहकर न देने वाले भवन स्वामियों को चिह्नित करेगा नगर निगम
नगर आयुक्त रवि रंजन ने सोमवार को जोनल अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली और गृहकर को लेकर गहन मंथन किया। इस दौरान जोनवाइज छूटे हुए भवनों को सूचीबद्ध कर गृहकर वसूलने का निर्णय लिया गया। साथ ही नगर निगम की सीमा में शामिल किए गए नए क्षेत्रों में जहां सुविधाएं दी जा रही हैं, वहां भी सर्वे कराकर कर वसूलने की बात कही गई।
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अलग-अलग श्रेणियों में मूल्यांकित भवनों क आधार पर जलकर का निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए गठित तीन सदस्यीय समिति के निर्णय के बाद महाप्रबंधक जलकल हरिश्चंद्र वाल्मीकि ने बताया कि वर्ष 2020-21 के जलमूल्य से प्राप्त आय 45:31 करोड़ रुपये की बजाय वित्तीय वर्ष 2019-20 के बजट में जलमूल्य के लिए अनुमानित आय 36.58 करोड़ ही रखने का प्रस्ताव किया गया है।
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इसके आधार पर नए स्लैब रेट में मूल्यांकित भवनों का 12.5 प्रतिशत जलकर लिए जाने का प्रस्ताव किया गया है। इस प्रस्ताव को जल्द ही लागू किए जाने की उम्मीद है। उधर, नगर निगम कार्यकारिणी समिति के सदस्य पार्षद अशोक कुमार सिंह ने नए स्लैब रेट को जनविरोधी करार दिया है। उनका कहना है कि पांच जून कोो ही स्लैब संख्या सात को लागू करने की सहमति बन गई थी, लेकिन महाप्रबंधक ने एक ही दिन बाद अवकाश के दिन कमेटी की बैठक बुलाकर उस निर्णय को पलट दिया और स्लैब संख्या -तीन लागू करने का प्रस्ताव पारित करवा दिया है। इस स्लैब रेट से गरीबों का भला नहीं होगा।
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गृहकर न देने वाले भवन स्वामियों को चिह्नित करेगा नगर निगम
नगर आयुक्त रवि रंजन ने सोमवार को जोनल अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली और गृहकर को लेकर गहन मंथन किया। इस दौरान जोनवाइज छूटे हुए भवनों को सूचीबद्ध कर गृहकर वसूलने का निर्णय लिया गया। साथ ही नगर निगम की सीमा में शामिल किए गए नए क्षेत्रों में जहां सुविधाएं दी जा रही हैं, वहां भी सर्वे कराकर कर वसूलने की बात कही गई।