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गुरुनानक दरबार गुरुद्वारा से निकाला गया नगर कीर्तन
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 11 Apr 2016 02:23 AM IST
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मीरापुर स्थित गुरूद्वारा गुरूनानक दरबार की ओर से ‘खालसा सृजना दिवस’ के अवसर निकाली गई नगर कीर्तन शोभायात्रा में पंज प्यारे।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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खालसा सृजना दिवस के उपलक्ष्य में रविवार को मीरापुर स्थित गुरुद्वारा गुरुनानक से नगर कीर्तन शोभायात्रा निकाली गई। रागी जत्थों ने शबद कीर्तन सुनाकर संगत को निहाल किया।
नगर कीर्तन शोभायात्रा पंज प्यारों की अगुवाई एवं गुरुग्रंथ साहब की हुजूरी में गुरुद्वारा गुरुनानक से आरंभ होकर मीरापुर गोलपार्क, कल्याणी देवी से एस.एस खन्ना चौराहे से पटेलनगर होते हुए गुरुद्वारा पहुंच समाप्त हुआ। गुरुद्वारा साहिब में अरदास करने को संगत जुटी।
हुजूरी रागी जत्थे ने शबद कीर्तन सुनाए। ज्ञानी बाज सिंह ने गुरुवाणी का पाठ किया और बैसाखी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह ने इसी दिन पंच प्यारों को अमृत चखाया और खालसा का सृजना की। उनके दिए आदेश को पूरा करना हर सच्चे सिक्ख का कर्तव्य है। उसके बाद लंगर बरता गया। प्रसाद पाने के लिए देर रात तक पंगत लगी रहीं। कार्यक्रम का संचालन सरदार अमरजीत सिंह ने किया। अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। सरदार मनजीत सिंह के अनुसार बुधवार को कीर्तन, गुरु वाणी विचार, लंगर बरता जाएगा
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नगर कीर्तन शोभायात्रा पंज प्यारों की अगुवाई एवं गुरुग्रंथ साहब की हुजूरी में गुरुद्वारा गुरुनानक से आरंभ होकर मीरापुर गोलपार्क, कल्याणी देवी से एस.एस खन्ना चौराहे से पटेलनगर होते हुए गुरुद्वारा पहुंच समाप्त हुआ। गुरुद्वारा साहिब में अरदास करने को संगत जुटी।
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हुजूरी रागी जत्थे ने शबद कीर्तन सुनाए। ज्ञानी बाज सिंह ने गुरुवाणी का पाठ किया और बैसाखी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह ने इसी दिन पंच प्यारों को अमृत चखाया और खालसा का सृजना की। उनके दिए आदेश को पूरा करना हर सच्चे सिक्ख का कर्तव्य है। उसके बाद लंगर बरता गया। प्रसाद पाने के लिए देर रात तक पंगत लगी रहीं। कार्यक्रम का संचालन सरदार अमरजीत सिंह ने किया। अध्यक्ष सरदार मनजीत सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। सरदार मनजीत सिंह के अनुसार बुधवार को कीर्तन, गुरु वाणी विचार, लंगर बरता जाएगा
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