Murder Case : हत्या के अनसुलझे सवालों का जवाब खोजेगी एसआईटी, चोरी के लिए हत्या पर परिजनों ने उठाए हैं सवाल
कमांडर वर्क इंजीनियर हत्याकांड की विवेचना की निगरानी करने के साथ ही एसआईटी मामले में अब तक अनसुलझे सवालों के जवाब भी खोजेगी। परिजनों की ओर से उठाए गए बिंदुओं पर भी जांच व साक्ष्य एकत्र करने में पुलिस को गाइड करेगी।
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कमांडर वर्क इंजीनियर हत्याकांड की विवेचना की निगरानी करने के साथ ही एसआईटी मामले में अब तक अनसुलझे सवालों के जवाब भी खोजेगी। परिजनों की ओर से उठाए गए बिंदुओं पर भी जांच व साक्ष्य एकत्र करने में पुलिस को गाइड करेगी। फिलहाल, परिजनों के अनुसार इस हत्याकांड में सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में वह वजह है जो पूरामुफ्ती पुलिस ने खुलासे के दौरान बताई है। चोरी के लिए हत्या की थ्योरी न तो गले उतरती है और न ही घटना के संबंध में अब तक सामने आए तथ्य इसे सही साबित करते हैं। वारदात को अंजाम देने के लिए अपनाया गया मॉडस ऑपरेंडी, हथियारों का इस्तेमाल, पूर्व की घटना जैसे कई तथ्य हैं, जो चोरी के लिए हत्या की थ्योरी को सवालों के घेरे में खड़े करते हैं।
इन सवालों का ढूंढ़ा जाएगा जवाब
- आरोपी का मकसद सिर्फ चोरी था तो वह दो असलहे लेकर क्यों पहुंचा।
- महज 15 दिन पहले चोरी का प्रयास करने के बाद हाई सिक्योरिटी जोन वाले क्षेत्र में दोबारा जाने का खतरा उसने क्यों उठाया।
- आमतौर पर चोरी में नाकाम होने पर बदमाश मौके से भाग जाते हैं और 13 मार्च की रात भी आरोपी सौरभ व उसके साथी ने ऐसा ही किया। इस बार ऐसा क्या हुआ कि वह चोरी के मकसद से गया और नाकाम रहने पर अफसर को गोली मार दी।
- पतली-दुबली कदकाठी वाला अभियुक्त 15 दिन पहले अपने साथ एक व्यक्ति को ले गया गया था तो इस बार उसने अकेले जाने की जहमत क्यों उठाई।
- घर में तीन लोग रहते थे और अभियुक्त को इसकी जानकारी भी थी। उसने यह नहीं सोचा कि मौके पर अफसर या उनके परिवारवालों से उसे संघर्ष भी करना पड़ सकता है। संघर्ष के दौरान अगर शोरगुल हुआ तो क्या वह पकड़ा नहीं जाएगा।
- 12 फरवरी को आरोपी ने लगभग 1.5 लाख रुपये का आईफोन खरीदा। इसके लिए उसके पास पैसे कहां से आए।
- खुलासे के मुताबिक, हत्या के लिए उसने 40 हजार की पिस्टल व पांच हजार का तमंचा खरीदा। वह भी तब जब उसके पास भाई की जमानत कराने के लिए रुपये नहीं थे। रुपयों के लिए ही उसने चोरी की योजना बनाई थी।
अफसर की पत्नी ने पत्र में यह लिखा
अफसर की पत्नी वत्सला मिश्रा की ओर से पत्र में लिखा गया कि हत्या के बाद हमलावर किलाबंद सैन्य अड्डे के अंदर से बिना किसी डर या जल्दबाजी के आराम से वापस गया। हमलावर की हरकतें चोरी या डकैती के इरादे को नहीं दर्शातीं। यह पूर्व नियोजित हत्या का संकेत देती हैं। इस खुलासे की दोबारा जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या विशेष रूप से गठित टीम से कराई जाए।