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रेलवे नगर निगम का सबसे बड़ा बकाएदार

Sat, 04 Jun 2016 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 04 Jun 2016 01:45 AM IST
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Municipal Railway 's largest defaulters
हाउस टैक्स - फोटो : DEMO Pics
आम मकान मालिकों पर लाख-दो लाख रुपये गृहकर बकाया होने पर नोटिस भेजने, चालान, कुर्की की कार्रवाई करने वाला वाला नगर निगम प्रशासन केंद्र सरकार के कार्यालय पर गृहकर के रूप मे बकाया करोड़ों रुपये नहीं वसूल पा रहा है। रेलवे नगर निगम का सबसे बड़े बकाएदार है। अलग-अलग कार्यालयों पर गृहकर मद में आठ करोड़ रुपये से अधिक बकाया है। केंद्र सरकार के अन्य कार्यालयों के साथ एमएनएनआईटी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय पर भी गृहकर मद में करोड़ों रुपये बकाया है, लेकिन नगर निगम इनसे टैक्स की वसूली नहीं कर पा रहा, न ही यह विभाग बरसों से गृहकर अदा कर रहे हैं।
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बकाया गृहकर को लेकर हाईकोर्ट ने नगर निगम को पिछले दिनों फटकार लगाई है और सरकारों पर निर्भर रहने के बजाए स्वयं आर्थिक स्थित मजबूत करने के लिए आय से श्रोतों को बढ़ाने को कहा है। नगर निगम ने हाईकोर्ट में गृहकर के बड़े बकाएदारों की सूची भी पेश की है। सूची के मुताबिक महाप्रबंधक इंजीनियरिंग रेलवे विद्युतीकरण कार्यालय पर तीन करोड़ 71 लाख 42 हजार 180 रुपये एवं एक करोड़ 61 लाख 5 हजार 727 रुपये, डीआरएम कार्यालय पर चार करोड़ 49 लाख 32 हजार 182 रुपये बकाया है।

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इसी तरह एमएनएनआईटी पर सात करोड़ 10 लाख 6 हजार 657 रुपये, रजिस्ट्रार इलाहाबाद विश्वविद्यालय पर 12 करोड़ 83 लाख चार 316 रुपये एवं 91 हजार 535 रुपये, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग पर 72 लाख 63 हजार 413 रुपये एवं सात लाख 11 हजार 343 रुपये, सेंट्रल एक्साइज पर 67 लाख 81 हजार 654 रुपये, आयकर पर 48 लाख 86 हजार 881 रुपये, रजिस्ट्रार कैट पर 22 लाख 14 हजार 944 रुपये, सीबीएसई पर 16 लाख 45 हजार 541 रुपये, सेंट्रल जेल नैनी पर एक करोड़ 96 लाख आठ हजार 528 रुपये बकाया है।

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इसके साथ दूरदर्शन केंद्र, हेड पोस्ट ऑफिस, केंद्रीय अभियंता आकाशवाणी केंद्र, एजीयूपी लेखा परीक्षा, निदेशक सांस्कृतिक स्टूडियो दूरदर्शन केंद्र, निदेशक केंद्रीय इनलैंड फिसरीज, निदेशक दूरदर्शन सांस्कृतिक स्टूडियो, केंद्रीय अभियंता दूरदर्शन, हेडपोस्ट मास्ट पोस्ट एंड टेलीग्राम, एजीयूपी के तीन कार्यालय समेत कुल 28 विभागों पर नगर निगम का करोड़ों रुपये गृहकर मद में कुल 31 करोड़ 85 लाख 70 हजार 426 रुपये बकाया है। निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्र का कहना है कि केंद्रीय कार्यालयों से वसूली के लिखा पढ़ी जारी है। इन कार्यालय से गृहकर मिल जाए तो निगम की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

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