{"_id":"6343b6ab869aab747e671f4b","slug":"mulayam-singh-yadav-death-mulayam-singh-had-announced-to-abolish-the-copying-ordinance-from-here","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mulayam Singh Yadav Death: मुलायम सिंह ने नकल अध्यादेश को खत्म करने की प्रयागराज से ही की थी घोषणा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mulayam Singh Yadav Death: मुलायम सिंह ने नकल अध्यादेश को खत्म करने की प्रयागराज से ही की थी घोषणा
सार
1992 में कल्याण सिंह ने नकल विहीन परीक्षा कराने का अध्यादेश लागू किया था। उस समय यूपी के शिक्षा मंत्री राजनाथ सिंह थे। हालांकि नकल पर रोक का विचार कल्याण सिंह के दिमाग की ही उपज बताई जा रही थी। नकल विहीन परीक्षा होने के कारण 1992 में हाईस्कूल में 14.70 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 30.30 प्रतिशत छात्र ही पास हुए थे।
विज्ञापन
Mulayam Singh Yadav death
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की सरकार में लागू किए गए नकल अध्यादेश को खत्म करने की घोषणा मुलायम सिंह यादव ने प्रयागराज से ही की थी। इसे मुलायम सिंह यादव का मास्टर स्ट्रोक माना गया। यूपी बोर्ड की परीक्षा में नकल अध्यादेश लागू होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र जहां फेल हो गए थे वहीं नकल करने के आरोप में हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया था और उनके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करने का आदेश दिया गया था।
1992 में कल्याण सिंह ने नकल विहीन परीक्षा कराने का अध्यादेश लागू किया था। उस समय यूपी के शिक्षा मंत्री राजनाथ सिंह थे। हालांकि नकल पर रोक का विचार कल्याण सिंह के दिमाग की ही उपज बताई जा रही थी। नकल विहीन परीक्षा होने के कारण 1992 में हाईस्कूल में 14.70 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 30.30 प्रतिशत छात्र ही पास हुए थे। कई जगह तो पूरे मुहल्ले में एक भी छात्र पास नहीं हो सका था। कई विद्यालयों में एक या दो छात्र ही पास मिलते थे। पास होने वाले छात्रों की खोजबीन होती थी।
मुलायम ने की थी नकल अध्यादेश हटाने की घोषणा
1993 के विधानसभा के चुनाव में मुलायम सिंह ने चुनावी सभाओं में यह जनता से वादा किया था कि उनकी सरकार आई तो वह नकल अध्यादेश को वापस ले लेंगे और पुरानी व्यवस्था को बहाल कर देंगे। सत्ता में आने के बाद मुलायम सिंह यादव ने प्रयागराज पहुंचकर नकल अध्यादेश को वापस लेने की घोषणा की थी। उनके इस कदम को यूपी की राजनीति में मास्टर स्ट्रोक माना गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
1992 में कल्याण सिंह ने नकल विहीन परीक्षा कराने का अध्यादेश लागू किया था। उस समय यूपी के शिक्षा मंत्री राजनाथ सिंह थे। हालांकि नकल पर रोक का विचार कल्याण सिंह के दिमाग की ही उपज बताई जा रही थी। नकल विहीन परीक्षा होने के कारण 1992 में हाईस्कूल में 14.70 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 30.30 प्रतिशत छात्र ही पास हुए थे। कई जगह तो पूरे मुहल्ले में एक भी छात्र पास नहीं हो सका था। कई विद्यालयों में एक या दो छात्र ही पास मिलते थे। पास होने वाले छात्रों की खोजबीन होती थी।
विज्ञापन
मुलायम ने की थी नकल अध्यादेश हटाने की घोषणा
1993 के विधानसभा के चुनाव में मुलायम सिंह ने चुनावी सभाओं में यह जनता से वादा किया था कि उनकी सरकार आई तो वह नकल अध्यादेश को वापस ले लेंगे और पुरानी व्यवस्था को बहाल कर देंगे। सत्ता में आने के बाद मुलायम सिंह यादव ने प्रयागराज पहुंचकर नकल अध्यादेश को वापस लेने की घोषणा की थी। उनके इस कदम को यूपी की राजनीति में मास्टर स्ट्रोक माना गया।
विज्ञापन